{"_id":"5bf43896bdec2269360cc197","slug":"51542731926-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 लाख की रंगदारी मांगने में भी अतीक संग नामजद था अशरफ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
15 लाख की रंगदारी मांगने में भी अतीक संग नामजद था अशरफ
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
15 लाख रंगदारी मांगने में भी अतीक संग नामजद था अशरफ
हरवारा निवासी प्रॉपर्टी डीलर समेत तीन आरोपी भेजे गए जेल
14 करोड़ की जमीन की धोखाधड़ी के मामले में हुए थे गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 14 करोड़ की जमीन की हेराफेरी के मामले में पकड़े गए प्रॉपर्टी डीलर अशरफ समेत तीन लोग मंगलवार को जेल भेज दिए गए। आरोपी प्रॉपर्टी डीलर अतीक अहमद के करीबी गुलफुल प्रधान का दामाद है। जांच पड़ताल में यह भी पता चला है कि राजू पाल हत्याकांड के गवाह को अगवा करने के मामले के साथ ही वह 15 लाख की रंगदारी मांगने के केस में भी अतीक संग नामजद है।
हरवारा निवासी मो. कमर हारून ने अशरफ पर धोखाधड़ी कर 14 करोड़ की जमीन हड़पने के आरोप में दो मुकदमे धूमनगंज व कर्नलगंज में दर्ज कराए थे। धूमनगंज मामला जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा कराने व कर्नलगंज में दर्ज मामला फर्जीवाड़ा कर पॉवर ऑफ अटार्नी निरस्त कराने से संबंधित था। धूमनगंज मामले की जांच क्राइम ब्रांच को मिली थी। धूमनगंज पुलिस के सहयोग से क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने सोमवार देर रात अशरफ के साथ ही दो अन्य नामजद आरोपियों अहमर हारून व शमशेर उर्फ शमसीर को गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों को जेल भेजते हुए पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मामले में अब महिला समेत दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मई में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस ने बताया कि अशरफ राजूपाल हत्याकांड के गवाह बुद्धि पटेल के अपहरण में भी नामजद था। इस मामले में वह अतीक के साथ सह अभियुक्त था। जिसमें हाल ही में पुलिस ने उसके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया था। मंगलवार को यह भी बात सामने आई कि अशरफ 15 लाख की रंगदारी मांगने के एक मामले में भी अतीक के साथ नामजद था। इसी साल मई में यह मुकदमा प्रीतम नगर निवासी दिव्यप्रकाश सिंह ने धूमनगंज थाने में लिखाया था। उनका आरोप था कि हरवारा स्थित अपनी जमीन पर वह निर्माण करने पहुंचे तो अतीक का गुर्गा गुलफुल अपने बेटे साजिद व दामाद अशरफ के साथ आया और 15 लाख की रंगदारी मांगी। इंकार पर गालीगलौच कर भगा दिया। बाद में फर्जी तरीके से जमीन किसी और के नाम बैनामा करवा दिया।
विज्ञापन
आपराधिक साजिश, लूट का भी आरोप
पुलिस ने बताया कि अशरफ पर अलग-अलग थानों में कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, अपहरण, रंगदारी के साथ ही आपराधिक साजिश के भी मामले शामिल हैं। ज्यादातर मामले धूमनगंज थाने के हैं और इनमें भी अधिकांश कूटरचित दस्तावेज, फर्जीवाड़ा आदि से संबंधित हैं। उस पर पहला मुकदमा 2007 में कौशाम्बी के पूरामुफ्ती थाने में दर्ज हुआ था।
विज्ञापन
हरवारा निवासी प्रॉपर्टी डीलर समेत तीन आरोपी भेजे गए जेल
14 करोड़ की जमीन की धोखाधड़ी के मामले में हुए थे गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 14 करोड़ की जमीन की हेराफेरी के मामले में पकड़े गए प्रॉपर्टी डीलर अशरफ समेत तीन लोग मंगलवार को जेल भेज दिए गए। आरोपी प्रॉपर्टी डीलर अतीक अहमद के करीबी गुलफुल प्रधान का दामाद है। जांच पड़ताल में यह भी पता चला है कि राजू पाल हत्याकांड के गवाह को अगवा करने के मामले के साथ ही वह 15 लाख की रंगदारी मांगने के केस में भी अतीक संग नामजद है।
हरवारा निवासी मो. कमर हारून ने अशरफ पर धोखाधड़ी कर 14 करोड़ की जमीन हड़पने के आरोप में दो मुकदमे धूमनगंज व कर्नलगंज में दर्ज कराए थे। धूमनगंज मामला जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा कराने व कर्नलगंज में दर्ज मामला फर्जीवाड़ा कर पॉवर ऑफ अटार्नी निरस्त कराने से संबंधित था। धूमनगंज मामले की जांच क्राइम ब्रांच को मिली थी। धूमनगंज पुलिस के सहयोग से क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर संतोष शर्मा ने सोमवार देर रात अशरफ के साथ ही दो अन्य नामजद आरोपियों अहमर हारून व शमशेर उर्फ शमसीर को गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों को जेल भेजते हुए पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मामले में अब महिला समेत दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
मई में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस ने बताया कि अशरफ राजूपाल हत्याकांड के गवाह बुद्धि पटेल के अपहरण में भी नामजद था। इस मामले में वह अतीक के साथ सह अभियुक्त था। जिसमें हाल ही में पुलिस ने उसके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया था। मंगलवार को यह भी बात सामने आई कि अशरफ 15 लाख की रंगदारी मांगने के एक मामले में भी अतीक के साथ नामजद था। इसी साल मई में यह मुकदमा प्रीतम नगर निवासी दिव्यप्रकाश सिंह ने धूमनगंज थाने में लिखाया था। उनका आरोप था कि हरवारा स्थित अपनी जमीन पर वह निर्माण करने पहुंचे तो अतीक का गुर्गा गुलफुल अपने बेटे साजिद व दामाद अशरफ के साथ आया और 15 लाख की रंगदारी मांगी। इंकार पर गालीगलौच कर भगा दिया। बाद में फर्जी तरीके से जमीन किसी और के नाम बैनामा करवा दिया।
विज्ञापन
आपराधिक साजिश, लूट का भी आरोप
पुलिस ने बताया कि अशरफ पर अलग-अलग थानों में कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, अपहरण, रंगदारी के साथ ही आपराधिक साजिश के भी मामले शामिल हैं। ज्यादातर मामले धूमनगंज थाने के हैं और इनमें भी अधिकांश कूटरचित दस्तावेज, फर्जीवाड़ा आदि से संबंधित हैं। उस पर पहला मुकदमा 2007 में कौशाम्बी के पूरामुफ्ती थाने में दर्ज हुआ था।