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वकीलों की हड़ताल से कामकाज ठप
Updated Sat, 10 Feb 2018 12:01 AM IST
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वकीलों की हड़ताल से हाईकोर्ट में कामकाज ठप
0 सीआईएस के विरोध में नहीं किया न्यायिक कार्य, मुकदमों में लगी डेट
0 पार्किंग की परेशानी और वादकारियों को परिसर में प्रवेश से रोकने पर भी नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट की वेबसाइट में सीआईएस (केस इनफार्मेशन सिस्टम) लांच करने से हो रही परेशानी के विरोध में शुक्रवार को हाईकोर्ट के वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। इसकी वजह से कामकाज ठप रहा। नए सिस्टम से मुकदमों को सूचीबद्ध करने की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। वकीलों को अपने मुकदमों के दाखिले और सुनवाई की तिथि की जानकारी तक ठीक से नहीं हो पा रही है। इसके अलावा अधिवक्ता पार्किंग की समस्या और हाईकोर्ट परिसर में वादकारियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने से भी परेशानी है। बृहस्पतिवार को बार कार्यकारिणी ने इस मसले पर बैठक का न्यायिक कार्य के बहिष्कार कर निर्णय लिया था।
शुक्रवार को बार के पदाधिकारी सुबह से सभी गेटों पर तैनात हो गए और किसी भी अधिवक्ता को भीतर नहीं जाने दिया। जज भी कोर्ट में बैठे मगर वकीलों के मौजूद न होने के कारण आवश्यक कार्य निपटाने के बाद चैंबर में चले गए। दिन में एक बजे बार कार्यकारिणी की बैठक ओल्ड स्टडी रूम में बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता बार के अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी ने और संचालन महासचिव एसी तिवारी ने किया। कार्यकारिणी ने समस्याओं पर विचार करने के बाद निर्णय लिया कि सोमवार 12 फरवरी को न्यायिक कार्य नियमित रूप से किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश को एक प्रत्यावेदन भेज कर इस आशय की जानकारी दी गई है। मुख्य न्यायाधीश से यह भी कहा गया है कि सीआईएस से वकीलों को काफी परेशानी हो रही है। करीब 20 दिन पूर्व हाईकोर्ट ने अपग्रेडेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की थी मगर आज तक सिस्टम पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश और कंप्यूटराइजेशन कमेटी के चेयरमैन जस्टिस दिलीप गुप्ता ने स्वयं बार में आकर आश्वासन दिया था कि एक महीने में सबकुछ ठीक हो जाएगा, मगर 15 दिन बीतने के बाद भी समस्या जस की तस है।
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वकीलों ने वादकारियों को बिना पास के परिसर में प्रवेश से रोकने पर भी आपत्ति जताई है मांग की है कि वादकारियों को अधिवक्ता के चैंबर तक बिना पास के जाने की अनुमति दी जाए। कार्यकारिणी 15 फरवरी को फिर से बैठक करेगी।
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0 सीआईएस के विरोध में नहीं किया न्यायिक कार्य, मुकदमों में लगी डेट
0 पार्किंग की परेशानी और वादकारियों को परिसर में प्रवेश से रोकने पर भी नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट की वेबसाइट में सीआईएस (केस इनफार्मेशन सिस्टम) लांच करने से हो रही परेशानी के विरोध में शुक्रवार को हाईकोर्ट के वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। इसकी वजह से कामकाज ठप रहा। नए सिस्टम से मुकदमों को सूचीबद्ध करने की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। वकीलों को अपने मुकदमों के दाखिले और सुनवाई की तिथि की जानकारी तक ठीक से नहीं हो पा रही है। इसके अलावा अधिवक्ता पार्किंग की समस्या और हाईकोर्ट परिसर में वादकारियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने से भी परेशानी है। बृहस्पतिवार को बार कार्यकारिणी ने इस मसले पर बैठक का न्यायिक कार्य के बहिष्कार कर निर्णय लिया था।
शुक्रवार को बार के पदाधिकारी सुबह से सभी गेटों पर तैनात हो गए और किसी भी अधिवक्ता को भीतर नहीं जाने दिया। जज भी कोर्ट में बैठे मगर वकीलों के मौजूद न होने के कारण आवश्यक कार्य निपटाने के बाद चैंबर में चले गए। दिन में एक बजे बार कार्यकारिणी की बैठक ओल्ड स्टडी रूम में बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता बार के अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी ने और संचालन महासचिव एसी तिवारी ने किया। कार्यकारिणी ने समस्याओं पर विचार करने के बाद निर्णय लिया कि सोमवार 12 फरवरी को न्यायिक कार्य नियमित रूप से किया जाएगा।
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मुख्य न्यायाधीश को एक प्रत्यावेदन भेज कर इस आशय की जानकारी दी गई है। मुख्य न्यायाधीश से यह भी कहा गया है कि सीआईएस से वकीलों को काफी परेशानी हो रही है। करीब 20 दिन पूर्व हाईकोर्ट ने अपग्रेडेशन की प्रक्रिया प्रारंभ की थी मगर आज तक सिस्टम पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश और कंप्यूटराइजेशन कमेटी के चेयरमैन जस्टिस दिलीप गुप्ता ने स्वयं बार में आकर आश्वासन दिया था कि एक महीने में सबकुछ ठीक हो जाएगा, मगर 15 दिन बीतने के बाद भी समस्या जस की तस है।
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वकीलों ने वादकारियों को बिना पास के परिसर में प्रवेश से रोकने पर भी आपत्ति जताई है मांग की है कि वादकारियों को अधिवक्ता के चैंबर तक बिना पास के जाने की अनुमति दी जाए। कार्यकारिणी 15 फरवरी को फिर से बैठक करेगी।