डॉ एके बंसल हत्याकांड का आरोपी 50 हजार का इनामिया बदमाश अबरार को एसटीएफ ने दबोचा
एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने मंगलवार को एक सूचना पर रामबाग रेलवे क्रासिंग के पास से छापा मारकर बंसल हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी अबरार खान को गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड के मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा के पकड़े जाने के बाद से ही पुलिस अबरार की तलाश कर रही थी।
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एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने मंगलवार को रामबार रेलवे क्रासिंग के पास से डॉ. बंसल हत्याकांड के एक और आरोपी अबरार खान उर्फ मुल्ला को गिरफ्तार कर लिया। अबरार ने अख्तर कटरा के कहने पर 55 लाख की सुपारी ली थी। उसने अपने साथी शूटरों से बंसल की हत्या करा दी थी। अबरार पर शासन ने 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। अप्रैल में घटना का खुलासा होने के पहले से ही अबरार फरार चल रहा था। इस मामले में अब एक आरोपी मकसूद बचा है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने मंगलवार को एक सूचना पर रामबाग रेलवे क्रासिंग के पास से छापा मारकर बंसल हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी अबरार खान को गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड के मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा के पकड़े जाने के बाद से ही पुलिस अबरार की तलाश कर रही थी। पूछताछ में आजाद नगर प्रतापगढ़ के अबरार ने बताया कि उसने केपी इंटर कालेज प्रतापगढ़ से पढ़ाई की थी।
यहीं पर उसकी दोस्ती शोएब, यासिर और मकसूद उर्फ जैद से हुई थी। चारों जब जरायम की दुनिया में उतरे तो एक गैंग बनाकर काम करने लगे। अबरार और अख्तर कटरा भी बाद में दोस्त बन गए थे। बंसल ने आलोक सिन्हा को जालसाजी में नैनी जेल भिजवाया तो जेल में उसकी दिलीप मिश्रा और अख्तर कटरा से दोस्ती हो गई। आलोक ने दिलीप और अख्तर कटरा से बंसल की हत्या कराने की बात कही। अख्तर कटरा ने ही प्रतापगढ़ के अबरार का नाम बताया था कि उसके पास कई शार्प शूटर हैं।
इंस्पेक्टर एसटीएफ हेमंत भूषण सिंह ने बताया कि अबरार को नैनी जेल में बुलवाकर हत्या का ठेका दिया गया। 55 लाख रुपये में बंसल की हत्या की सुपारी दी गई। अबरार ने इस काम के लिए मकसूद, यासिर और शोएब को तैयार किया। हत्या से पहले आलोक ने 15 लाख रुपये, दो पिस्टल और एक बाइक मुहैया कराई। 12 जनवरी 2017 को तीनों बाइक से जीवन ज्योति हास्पिटल पहुंचे। मकसूद बाहर खड़ा था। यासिर और शोएब ने अंदर जाकर बंसल पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या दी। अबरार तीनों शूटरों और आलोक सिन्हा के लगातार संपर्क में था। अप्रैल में शूटर शोएब के पकड़े जाने के बाद अबरार पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
बंसल की हत्या में शामिल मकसूद, यासिर और शोएब को घटना के अगले महीने पैसे मिले तो बंटवारे को लेकर वे आपस में ही झगड़ा कर बैठे। फरवरी 2017 में प्रतापगढ़ के छत्तामऊ इलाके में मकसूद और शोएब ने यासिर की हत्या कर दी और उसका हिस्सा हड़प लिया। अबरार, शोएब और मकसूद घटना के बाद लंबे समय तक फरार भी रहे। बाद में जब पुलिस खुलासा नहीं कर पाई तो वे वापस प्रतापगढ़ आ गए थे।
बेटे के एडमीशन को लेकर हुई थी आलोक से दुश्मनी
अबरार की गिरफतारी करने वाले इंस्पेक्टर हेमंत भूषण सिंह ने बताया कि कभी पार्टनर रहे डॉ. बंसल और आलोक सिन्हा के बीच दुश्मनी का कारण बेटे अर्पित बंसल के एडमीशन का विवाद था। मेडिकल की विशेषज्ञता वाले कोर्स में एडमीशन के लिए आलोक ने 55 लाख लिए थे। लेकिन वह एडमीशन नहीं करा पाया और पैसे भी वापस नहीं किए तो बंसल ने उसे नैनी जेल भेजवा दिया। इतना ही नहीं आलोक के खिलाफ जितने भी मामले दर्ज थे, सभी में बंसल पैरवी करने लगे। इसी कारण आलोक ने बंसल को रास्ते से हटाने की ठान ली थी। उसने अबरार के माध्यम से शूटरों को हायर किया और बंसल की हत्या करवा दी।