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केरोसिन ऑयल के कोटे में 50 फीसदी की कटौती
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
Updated Fri, 14 Oct 2016 01:26 AM IST
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mustard oil
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इलाहाबाद। शंकरगढ़ और कोरांव के पहाड़ी इलाकों में आज भी बिजली नहीं है। केरोसिन ऑयल से दीये के साथ घरों के चूल्हे भी जलते हैं लेकिन ऐसी स्थिति आ गई है कि दीये और चूल्हे जलाने पर संकट आ पड़ा है। केंद्र सरकार ने केरोसिन ऑयल के कोटे में 50 फीसदी की कटौती कर दी है। कहने को विकल्प के तौर पर उज्ज्वल योजना लागू की गई है और एक लाख से अधिक कनेक्शन बांटे गए हैं लेकिन गांवों में न तो होम डिलेवरी है और न ही घर से 15-20 किलेामीटर दूर जाकर गैस सिलेंडर लाने के लिए उचित संसाधन हैं।
आपूर्ति विभाग के सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार केरोसिन ऑयल में सब्सिडी पूरी तरह से बंद करने की तैयारी में है और इसे मार्केट रेट पर बेचने की योजना है। इसी के मद्देनजर पूरे यूपी में केरोसिन ऑयल का कोटा 33 फीसदी कम कर दिया गया। इलाहाबाद में यह कटौती 50 फीसदी तक हो गई। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब तक प्रत्येक कार्डधारक को दो-दो लीटर केरोसिन ऑयल मिल रहा था लेकिन इस कटौती के बाद केरोसिन ऑयल एक लीटर से भी कम मिलेगा। ऐसे में रात के वक्त घरों में रोशनी करना और चूल्हे जला पाना आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती होगी। कहने को विकल्प के तौर पर इलाहाबाद में प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के तहत अब तक एक लाख 33 हजार 819 नए कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
तर्क दिया जा रहा है कि इससे केरोसिन ऑयल की खपत कम होने लगी है, सो केरोसिन ऑयल के कोटे में कटौती की गई है लेकिन हालात बिल्कुल विपरीत हैं। बीपीएल और अंत्दोदय परिवारों के घरों में चूल्हे अब भी केरोसिन ऑयल से ही जलते हैं। रसोई गैस का सिलेंडर शोपीस की तरह है। होम डिलेवरी तो दूर की बात, एजेंसी जाकर सिलेंडर लेना है तो 15-20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
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‘केरोसिन ऑयल के कोटे में केंद्र सरकार ने कटौती की है। प्रदेश में 33 फीसदी कोटा कम हुआ है जबकि इलाहाबाद में 50 फीसदी कटौती की गई है। अब आवंटित कोटे के अनुरूप ही केरोसिन ऑयल का वितरण किया जाएगा।’ लक्ष्मीशंकर सिंह, एडीएम आपूर्ति
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भड़के कोटेदार, नहीं उठाएंगे केरोसिन ऑयल
इलाहाबाद। केरोसिन ऑयल के कोटे में कटौती से कोटेदार भड़के हुए हैं। बृहस्पतिवार को करछना के कोटेदार तहसील पहुंचे और कोटा बहाली के लिए ज्ञापन दिया। कौंधियारा कोटेदार संघ के अध्यक्ष रामबलि, करछना के अध्यक्ष राम प्रकाश और चाका अध्यक्ष मुन्नू सिंह ने कहा कि कोटे की बहाली नहीं होती है तो केरोसिन ऑयल नहीं उठाएंगे। अगर कार्डधारकों को कम केरोसिन ऑयल दिया गया तो वे विरोध करेंगे और ऐसे में हंगामा हो सकता है।
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आपूर्ति विभाग के सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार केरोसिन ऑयल में सब्सिडी पूरी तरह से बंद करने की तैयारी में है और इसे मार्केट रेट पर बेचने की योजना है। इसी के मद्देनजर पूरे यूपी में केरोसिन ऑयल का कोटा 33 फीसदी कम कर दिया गया। इलाहाबाद में यह कटौती 50 फीसदी तक हो गई। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब तक प्रत्येक कार्डधारक को दो-दो लीटर केरोसिन ऑयल मिल रहा था लेकिन इस कटौती के बाद केरोसिन ऑयल एक लीटर से भी कम मिलेगा। ऐसे में रात के वक्त घरों में रोशनी करना और चूल्हे जला पाना आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती होगी। कहने को विकल्प के तौर पर इलाहाबाद में प्रधानमंत्री उज्ज्वल योजना के तहत अब तक एक लाख 33 हजार 819 नए कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
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तर्क दिया जा रहा है कि इससे केरोसिन ऑयल की खपत कम होने लगी है, सो केरोसिन ऑयल के कोटे में कटौती की गई है लेकिन हालात बिल्कुल विपरीत हैं। बीपीएल और अंत्दोदय परिवारों के घरों में चूल्हे अब भी केरोसिन ऑयल से ही जलते हैं। रसोई गैस का सिलेंडर शोपीस की तरह है। होम डिलेवरी तो दूर की बात, एजेंसी जाकर सिलेंडर लेना है तो 15-20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
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‘केरोसिन ऑयल के कोटे में केंद्र सरकार ने कटौती की है। प्रदेश में 33 फीसदी कोटा कम हुआ है जबकि इलाहाबाद में 50 फीसदी कटौती की गई है। अब आवंटित कोटे के अनुरूप ही केरोसिन ऑयल का वितरण किया जाएगा।’ लक्ष्मीशंकर सिंह, एडीएम आपूर्ति
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भड़के कोटेदार, नहीं उठाएंगे केरोसिन ऑयल
इलाहाबाद। केरोसिन ऑयल के कोटे में कटौती से कोटेदार भड़के हुए हैं। बृहस्पतिवार को करछना के कोटेदार तहसील पहुंचे और कोटा बहाली के लिए ज्ञापन दिया। कौंधियारा कोटेदार संघ के अध्यक्ष रामबलि, करछना के अध्यक्ष राम प्रकाश और चाका अध्यक्ष मुन्नू सिंह ने कहा कि कोटे की बहाली नहीं होती है तो केरोसिन ऑयल नहीं उठाएंगे। अगर कार्डधारकों को कम केरोसिन ऑयल दिया गया तो वे विरोध करेंगे और ऐसे में हंगामा हो सकता है।