400 करोड़ ठगी का मामला : अभिषेक ने पांच शहरों में छिपकर पुलिस को डेढ़ महीने तक छकाया
जांच में पता चला कि आरोपी अभिषेक दस जून से करनाल के मान काॅलोनी में रह रहा था। उसने बताया कि फरार होने के बाद उसका निहारिका से कोई संपर्क नहीं हो सका है। उसे नहीं पता कि उसकी पत्नी इस वक्त कहां है।
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प्राॅपर्टी-शेयर में निवेश के नाम पर 400 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आरोपी अभिषेक ने गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे किए हैं। जांच में पता चला कि शिवकुटी थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद अभिषेक बस्ती फरार हो गया था। इसके बाद वह अयोध्या, गाजियाबाद, नाेएडा और करनाल में अपना ठिकाना बनाया।
वह डेढ़ महीने से पुलिस को छकाता रहा। जांच में अभिषेक को पनाह देने में और भी लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन लोगों को भी गिरफ्तार करेगी। पुलिस जांच में मूलरूप से बलिया हल्दीराम पुर के रहने वाले एक तांत्रिक का नाम भी सामने आया है। हाल ही में पुलिस ने निहारिका के ड्राइवर शैलेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया था कि बस्ती में अभिषेक को उसने छोड़ दिया था। वह महिला से मिलने गया था। महिला ने अभिषेक को बचाने के लिए बलिया के तांत्रिक का नाम लिया, जो अब नाेएडा में रहता है।
उस तांत्रिक से संपर्क किया गया तो उसने गाजियाबाद के लोनी में रहने वाले टीकम चंद जायसवाल को ये काम साैंपा। अभिषेक को आश्वासन दिया कि वह उसे कुछ नहीं होने देगा। इस बीच अभिषेक अयोध्या, नाेएडा, और फिर लोनी निवासी टीकम चंद के पास पहुंचा और उसने अभिषेक को करनाल में किराए का कमरा दिला दिया। इस बीच अभिषेक ने टीकम चंद का मोबाइल भी इस्तेमाल किया। इसी नंबर से वह अपने जानने वाले को फोन किया करता था। पुलिस कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए टीकम चंद तक पहुंच गई और फिर उसकी निशानदेही पर अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया।
दस जून से बनाया था ठिकाना
जांच में पता चला कि आरोपी अभिषेक दस जून से करनाल के मान काॅलोनी में रह रहा था। उसने बताया कि फरार होने के बाद उसका निहारिका से कोई संपर्क नहीं हो सका है। उसे नहीं पता कि उसकी पत्नी इस वक्त कहां है। अभिषेक ने बताया कि उनकी पत्नी का इस केस से कोई लेनादेना नहीं है। बहरहाल, पुलिस मामले में सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। वहीं, एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि अभिषेक और उसको पनाह देने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। निहारिका की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश दी जा रही है।
एक अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई
हाल ही हाईकोर्ट ने मामला का संज्ञान लिया था। कोर्ट ने कहा था कि आखिरकार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी है। जिसके बाद पुलिस कार्रवाई तेज करते हुए अभिषेक और निहारिका के खिलाफ गैर जमानती वारंट निकाला था। एक अगस्त को इस मामले में हाईकोर्ट में तारीख लगी है।