मकर स्नान के बाद श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए प्रयागराज से चलाई गई 37 स्पेशल ट्रेंन
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इलाहाबाद जंक्शन पर मंगलवार को गंगा माई के खूब जयकारे लगे। मकर संक्रांति का स्नान करने के बाद अपने गंतव्य जाने वाले श्रद्धालु जब जंक्शन पहुंचे तो उन्हें यात्री आश्रय स्थलों पर रोक लिया गया। स्पेशल ट्रेन के प्लेटफार्म पर लगने के बाद ही आश्रय स्थल से यात्रियों को रवाना किया गया। इस दौरान आश्रय स्थल पर मौजूद यात्रियों गंगा माई के जयकारे लगातेे रहे। शहर के सभी प्रमुख स्टेशनों की यही स्थिति रही। इस दौरान विभिन्न स्थानों के लिए 37 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया।
मकर संक्रांति की भीड़ को देखते हुए 15 जनवरी के लिए रेलवे ने कुल 51 स्पेशल ट्रेन चलाने का एलान किया था। इसमें से 27 ट्रेनें समय सारिणी से और बाकी ट्रेन भीड़ देखकर चलानी थी। फिलहाल बुधवार को स्टेशनों पर अपेक्षाकृत भीड़ कम जुटने से उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से कुल 37 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। पहली स्पेशल ट्रेन जंक्शन से सुबह पांच बजे फतेहपुर के लिए चली।
इसके बाद कानपुर रूट के लिए सात, दीन दयाल उपाध्याय (मुगलसराय) के लिए छह, मानिकपुर रूट के लिए तीन, नैनी से सतना-झांसी के लिए एक-एक, छिवकी से झांसी, इटारसी के लिए एक-एक स्पेशल ट्रेन चली। इसके अलावा संबंधित रूट से सात अन्य स्पेशल ट्रेन जंक्शन और छिवकी आई। इसी तरह प्रयागघाट से दो-दो ट्रेन अयोध्या, फैजाबाद और एक लखनऊ के लिए चली।
शाम चार बजे तक 22 हजार यात्रियों ने लिया टिकट
इलाहाबाद सिटी और झूंसी से भी तीन स्पेशल ट्रेन वाराणसी के लिए चली। उधर जंक्शन के कंट्रोल टावर पर डीआरएम अमिताभ समेत तमाम अफसर दिन भर सीसीटीवी कैमरे पर निगाहें बनाए रखे। डीआरएम ने बताया कि 13 स्पेशल ट्रेनें विभिन्न स्थानों से जंक्शन पहुंची भी।
कुंभ मेेले के पहले स्नान पर्व पर इलाहाबाद जंक्शन पर शाम चार बजे तक 22479 यात्रियों ने टिकट लिए। टिकट बिक्री से रेलवे को 21.81 लाख रुपये की आय हुई। नैनी में 2697 और छिवकी में 1957 जनरल श्रेणी के टिकट बिके। इन दोनों स्टेशनों पर टिकट बिक्री से क्रमश: 1.25 लाख एवं 2.53 लाख रुपये की आय हुई। इसी तरह प्रयाग, इलाहाबाद सिटी स्टेशन से भी शाम चार बजे तक तकरीबन पांच हजार टिकट बिके। इससे तकरीबन चार लाख रुपये रेलवे के खाते में आए।