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ग्राम विकाय अधिकारी के निलंबन पर रोक
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ग्राम विकास अधिकारी के निलंबन पर रोक
0 राज्य सरकार से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने ग्राम विकास अधिकारी लक्षन का पूरा गाजीपुर के निलंबन पर रोक लगा दी है और उनके खिलाफ लंबित जांच जल्दी पूरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब तलब भी किया है। त्रिवेणी उपाध्याय की याचिका पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा सुनवाई कर रहे हैं।
याची का कहना है कि सोनी देवी ने अपने पति राजेश की मौत के बाद परिवार रजिस्टर मेें नाम दर्ज कराने के लिए अर्जी दी थी। उसकी अर्जी के निस्तारण में परिवार वालों ने सहयोग नहीं दिया। इसके बाद याची को घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। बीडीओ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। याची को जिला विकास कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। निलंबन को चुनौती देते हुए कहा गया कि परिवार के सदस्यों के सहयोग न करने के कारण अर्जी के निस्तारण में देरी हुई। याची को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। कोर्ट ने याची के खिलाफ जांच की कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है।
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ग्राम विकास अधिकारी के निलंबन पर रोक
0 राज्य सरकार से जवाब तलब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने ग्राम विकास अधिकारी लक्षन का पूरा गाजीपुर के निलंबन पर रोक लगा दी है और उनके खिलाफ लंबित जांच जल्दी पूरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब तलब भी किया है। त्रिवेणी उपाध्याय की याचिका पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा सुनवाई कर रहे हैं।
याची का कहना है कि सोनी देवी ने अपने पति राजेश की मौत के बाद परिवार रजिस्टर मेें नाम दर्ज कराने के लिए अर्जी दी थी। उसकी अर्जी के निस्तारण में परिवार वालों ने सहयोग नहीं दिया। इसके बाद याची को घोर लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। बीडीओ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। याची को जिला विकास कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। निलंबन को चुनौती देते हुए कहा गया कि परिवार के सदस्यों के सहयोग न करने के कारण अर्जी के निस्तारण में देरी हुई। याची को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। कोर्ट ने याची के खिलाफ जांच की कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है।
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