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फर्जी तरीके से 303 ने ले लिया योजना का लाभ
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फर्जी दस्तावेज बना 303 ने ले लिया किसान सम्मान निधि का लाभ
यह आंकड़ा शुरुआती जांच का, सर्वे जारी, बढ़ सकते हैं ऐसे मामले
वसूली नोटिस जारी, एफआईआर भी लिखाई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा के मामले सामने आ रहे हैं। जिले में 303 अपात्रों ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर इस योजना का लाभ ले लिया है। यह शुरुआती जांच का आंकड़ा है। इसमें अभी और इजाफा की बात कही जा रही है। इनसे वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है। इनके खिलाफ एफआईआर भी लिखाने की तैयारी है।
किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवार को छह हजार रुपये वार्षिक आर्थिक मदद का प्रावधान है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में पहली किस्त तीन लाख 61 हजार किसानों को दी गई थी। इसके विपरीत तीसरी किस्त दो लाख 60 किसानों को मिल पाई। इस तरह से एक लाख एक हजार किसानों को तीसरी किस्त जारी नहीं हो सकी। हालांकि, आधार कार्ड और बैंक खाता में दर्ज नाम में अंतर को इसका कारण बताया जा रहा है।
इसके विपरीत बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा की भी शिकायत हुई थी। इस शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से जांच कराई जा रही है। पहले चरण में योजना का लाभ पाने वाले हर ब्लाक के 20 फीसदी किसानों के दस्तावेजों की जांच कराई गई। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार ने बताया कि गलत दस्तावेज के आधार पर योजना का लाभ लेने 303 मामले सामने आए हैं। कई परिवार में तो पति और पत्नी दोनों ने इस योजना का लाभ ले लिया है। उन्होंने बताया कि सभी को वसूली का नोटिस भेजा गया है। अभी जांच जारी है। इस महीने के आखिर तक पहले चरण की जांच पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद एफआईआर लिखाई जाएगी।
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यह आंकड़ा शुरुआती जांच का, सर्वे जारी, बढ़ सकते हैं ऐसे मामले
वसूली नोटिस जारी, एफआईआर भी लिखाई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा के मामले सामने आ रहे हैं। जिले में 303 अपात्रों ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर इस योजना का लाभ ले लिया है। यह शुरुआती जांच का आंकड़ा है। इसमें अभी और इजाफा की बात कही जा रही है। इनसे वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है। इनके खिलाफ एफआईआर भी लिखाने की तैयारी है।
किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवार को छह हजार रुपये वार्षिक आर्थिक मदद का प्रावधान है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में पहली किस्त तीन लाख 61 हजार किसानों को दी गई थी। इसके विपरीत तीसरी किस्त दो लाख 60 किसानों को मिल पाई। इस तरह से एक लाख एक हजार किसानों को तीसरी किस्त जारी नहीं हो सकी। हालांकि, आधार कार्ड और बैंक खाता में दर्ज नाम में अंतर को इसका कारण बताया जा रहा है।
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इसके विपरीत बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा की भी शिकायत हुई थी। इस शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से जांच कराई जा रही है। पहले चरण में योजना का लाभ पाने वाले हर ब्लाक के 20 फीसदी किसानों के दस्तावेजों की जांच कराई गई। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार ने बताया कि गलत दस्तावेज के आधार पर योजना का लाभ लेने 303 मामले सामने आए हैं। कई परिवार में तो पति और पत्नी दोनों ने इस योजना का लाभ ले लिया है। उन्होंने बताया कि सभी को वसूली का नोटिस भेजा गया है। अभी जांच जारी है। इस महीने के आखिर तक पहले चरण की जांच पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद एफआईआर लिखाई जाएगी।
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