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बैनामा रद्द होने के बाद भी नहीं छोड़ा कब्जा
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बैनामा रद्द होने के बाद भी
अतीक ने नहीं छोड़ा कब्जा
0 हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद और उनके गुर्गों द्वारा प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित एक प्लाट पर जबरन कब्जा करने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। आरोप है कि चेक बाउंस होने के बाद जमीन का बैनामा रद्द हो चुका है, इसके बावजूद जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया है। अतीक के गुर्गों ने इस पर जबरन कब्जा कर रखा है। याचिका की सुनवाई 8 मार्च को होगी। बेनीगंज की रामसखी की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना है कि पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके गुर्गे तोता उर्फ जुल्फिकार अहमद, नौशाद व अन्य लोगों ने रामसखी व उनके पति की कसारी-मसारी की जमीन पर जबरन कब्जा कर सस्ते दाम पर जमीन अपने नाम लिखवा ली। जमीन के एवज में उसको कुछ रकम नकद दी गई और बाकी का भुगतान चेक से किया गया। नियत तिथि पर बैंक में चेक बाउंस हो गया तो याची की आपत्ति पर रजिस्ट्री खारिज हो गई। इसके बाद भी जमीन पर से कब्जा नहीं छोड़ा गया। रामसखी के पति द्वारा धूमनगंज थाने में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में नौशाद, रानीदेवी, दीपक विश्वकर्मा और अतीक अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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अतीक ने नहीं छोड़ा कब्जा
0 हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद और उनके गुर्गों द्वारा प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित एक प्लाट पर जबरन कब्जा करने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। आरोप है कि चेक बाउंस होने के बाद जमीन का बैनामा रद्द हो चुका है, इसके बावजूद जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया है। अतीक के गुर्गों ने इस पर जबरन कब्जा कर रखा है। याचिका की सुनवाई 8 मार्च को होगी। बेनीगंज की रामसखी की याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना है कि पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके गुर्गे तोता उर्फ जुल्फिकार अहमद, नौशाद व अन्य लोगों ने रामसखी व उनके पति की कसारी-मसारी की जमीन पर जबरन कब्जा कर सस्ते दाम पर जमीन अपने नाम लिखवा ली। जमीन के एवज में उसको कुछ रकम नकद दी गई और बाकी का भुगतान चेक से किया गया। नियत तिथि पर बैंक में चेक बाउंस हो गया तो याची की आपत्ति पर रजिस्ट्री खारिज हो गई। इसके बाद भी जमीन पर से कब्जा नहीं छोड़ा गया। रामसखी के पति द्वारा धूमनगंज थाने में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में नौशाद, रानीदेवी, दीपक विश्वकर्मा और अतीक अहमद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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