{"_id":"5a0f0a5e4f1c1bf4688bbd93","slug":"21510935134-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसबीआई को अनुकंपा नियुक्ति पर निर्णय लेने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसबीआई को अनुकंपा नियुक्ति पर निर्णय लेने का आदेश
Updated Fri, 17 Nov 2017 09:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसबीआई को अनुकंपा नियुक्ति पर विचार करने का आदेश
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने का आवेदन खारिज करने संबंधी आदेश रद्द करते हुए याची के प्रत्यावेदन पर विचार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची के आवेदन के समय बैंक में अनुकंपा नियुक्ति की योजना लागू थी इसके बावजूद यह कहते हुए आवेदन खारिज करना कि ऐसी कोई योजना नहीं है गलत है। शुभम पांडेय की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने दिया है।
याची के अधिवक्ता अभिषेक मिश्र और हर्ष द्विवेदी का कहना था कि याची के पिता एसबीआई में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। 1996 में उनकी मृत्यु हो गई तो उसकी मां को बैंक ने अनुकंपा नियुक्ति दी मगर वर्ष 2000 में उसकी मां भी गुजर गई। उस वक्त याची मात्र चार वर्ष का था। इस दौरान बैंक ने अनुकंपा नियुक्ति की योजना बंद कर दी। पांच अगस्त 2014 को पुन: यह योजना विशेष मामलों के लिए शुरू की गई। 2014 में याची बालिग हुआ तो उसने बैंक में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। बैंक ने आवेदन यह कहकर खारिज कर दिया कि उनके यहां अनुकंपा नियुक्ति की कोई योजना नहीं है।
इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि बैंक का यह कहना गलत है उनके यहां अनुकंपा नियुक्ति की योजना नहीं है। आवेदन के समय ऐसी योजना लागू थी। बैंक का आदेश रद्द करते हुए याची को नई अनुकंपा नियुक्ति योजना के तहत आवेदन करने का निर्देश दिया है। बैंक को उसके आवेदन पर विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने का आवेदन खारिज करने संबंधी आदेश रद्द करते हुए याची के प्रत्यावेदन पर विचार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची के आवेदन के समय बैंक में अनुकंपा नियुक्ति की योजना लागू थी इसके बावजूद यह कहते हुए आवेदन खारिज करना कि ऐसी कोई योजना नहीं है गलत है। शुभम पांडेय की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने दिया है।
याची के अधिवक्ता अभिषेक मिश्र और हर्ष द्विवेदी का कहना था कि याची के पिता एसबीआई में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। 1996 में उनकी मृत्यु हो गई तो उसकी मां को बैंक ने अनुकंपा नियुक्ति दी मगर वर्ष 2000 में उसकी मां भी गुजर गई। उस वक्त याची मात्र चार वर्ष का था। इस दौरान बैंक ने अनुकंपा नियुक्ति की योजना बंद कर दी। पांच अगस्त 2014 को पुन: यह योजना विशेष मामलों के लिए शुरू की गई। 2014 में याची बालिग हुआ तो उसने बैंक में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। बैंक ने आवेदन यह कहकर खारिज कर दिया कि उनके यहां अनुकंपा नियुक्ति की कोई योजना नहीं है।
विज्ञापन
इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि बैंक का यह कहना गलत है उनके यहां अनुकंपा नियुक्ति की योजना नहीं है। आवेदन के समय ऐसी योजना लागू थी। बैंक का आदेश रद्द करते हुए याची को नई अनुकंपा नियुक्ति योजना के तहत आवेदन करने का निर्देश दिया है। बैंक को उसके आवेदन पर विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
विज्ञापन