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68500 सहायक अध्यापक भर्ती
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68500 सहायक अध्यापक भर्ती
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पुनर्मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियोें को
दो महीने में नियुक्ति देने का आदेश
0 हाईकोर्ट ने कहा, कटऑफ अंक 67 अंक या उससे अधिक पाने वालों को सफल मानें
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में पुनर्मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों को राहत देते हुए दो माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सफल अभ्यर्थियों को नए सिरे से अंक पत्र दिए जाएं और प्रक्रिया पूरी कर नियुक्तिपत्र वितरित किया जाएं। इससे पूर्व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के समक्ष एक चार्ट प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने कहा कि कटऑफ अंक 67 अंक या उससे अधिक अंक पाने वालों को सफल मानते हुए नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
अनिरुद्ध नारायण शुक्ल सहित दर्जनों अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने दिया है। सचिव द्वारा प्रस्तुत चार्ट से पता चला कि याची अनिरुद्ध जिसे पूर्व में 66 अंक मिले थे, उसको पुनर्मूल्यांकन के बाद 67 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार से रितु वर्मा को 65 के स्थान पर 68 अंक, विनय कुमार मिश्र को 66 की जगह 67 अंक प्राप्त हुए। अन्य तमाम अभ्यर्थियों के अंक भी पुनर्मूल्यांकन के बाद बढ़ गए थे और यह सभी लोग कटऑफ अंक के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त कर चुके हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा ने याची का पक्ष रखते हुए कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद याचीगण सफल हो चुके हैं, इसलिए उनको तत्काल नियुक्ति दिलाई जाए।
उल्लेखनीय है कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम जारी होने के बाद तमाम अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर परिणाम को चुनौती दी थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में घोर अनियमितता की गई है, जिससे कई सफल लोग असफल घोषित कर दिए गए। कोर्ट के आदेश पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने पुनर्मूल्यांकन कराया, जिसमें तमाम अभ्यर्थियों को पहले की अपेक्षा अधिक अंक मिलने से वह कटऑफ मेरिट में आ गए हैं।
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पुनर्मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियोें को
दो महीने में नियुक्ति देने का आदेश
0 हाईकोर्ट ने कहा, कटऑफ अंक 67 अंक या उससे अधिक पाने वालों को सफल मानें
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में पुनर्मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों को राहत देते हुए दो माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सफल अभ्यर्थियों को नए सिरे से अंक पत्र दिए जाएं और प्रक्रिया पूरी कर नियुक्तिपत्र वितरित किया जाएं। इससे पूर्व सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के समक्ष एक चार्ट प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने कहा कि कटऑफ अंक 67 अंक या उससे अधिक अंक पाने वालों को सफल मानते हुए नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
अनिरुद्ध नारायण शुक्ल सहित दर्जनों अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने दिया है। सचिव द्वारा प्रस्तुत चार्ट से पता चला कि याची अनिरुद्ध जिसे पूर्व में 66 अंक मिले थे, उसको पुनर्मूल्यांकन के बाद 67 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार से रितु वर्मा को 65 के स्थान पर 68 अंक, विनय कुमार मिश्र को 66 की जगह 67 अंक प्राप्त हुए। अन्य तमाम अभ्यर्थियों के अंक भी पुनर्मूल्यांकन के बाद बढ़ गए थे और यह सभी लोग कटऑफ अंक के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त कर चुके हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा ने याची का पक्ष रखते हुए कहा कि पुनर्मूल्यांकन के बाद याचीगण सफल हो चुके हैं, इसलिए उनको तत्काल नियुक्ति दिलाई जाए।
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उल्लेखनीय है कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम जारी होने के बाद तमाम अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर परिणाम को चुनौती दी थी। अभ्यर्थियों का कहना था कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में घोर अनियमितता की गई है, जिससे कई सफल लोग असफल घोषित कर दिए गए। कोर्ट के आदेश पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने पुनर्मूल्यांकन कराया, जिसमें तमाम अभ्यर्थियों को पहले की अपेक्षा अधिक अंक मिलने से वह कटऑफ मेरिट में आ गए हैं।
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