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गन्ना पर्यवेद्वाकों की नियक्ति रोकने पर जवाब तलब
Updated Thu, 10 Aug 2017 08:39 PM IST
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गन्ना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति रोकने पर जवाब तलब
0 874 पदों पर पूरी हो चुकी है चयन प्रक्रिया
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से गन्ना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रोकने पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने उस आदेश की प्रति भी मांगी है, जिसमें प्रक्रिया रोके जाने का आदेश दिया है। गन्ना पर्यवेक्षकों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, मगर सूबे में सरकार बदलने के बाद सभी प्रकार की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया रोक देने के कारण इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां भी लटक गईं। इसे लेकर आशीष कुमार और अन्य अभ्यर्थियों में ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 26 अप्रैल 2016 को 874 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसकी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया तीन फरवरी 2017 को पूरी हो गई। इसी बीच सूबे में नई सरकार का गठन हुआ और सभी प्रकार की चयन तथा नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई। याचीगण का कहना है कि चयन प्रक्रिया में न तो किसी धांधली की शिकायत है और न ही कोई जांच चल रही है। बिना कोई कारण बताए इसे रोक दिया गया। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 16 अगस्त तक इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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0 874 पदों पर पूरी हो चुकी है चयन प्रक्रिया
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से गन्ना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रोकने पर जवाब मांगा है। कोर्ट ने उस आदेश की प्रति भी मांगी है, जिसमें प्रक्रिया रोके जाने का आदेश दिया है। गन्ना पर्यवेक्षकों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, मगर सूबे में सरकार बदलने के बाद सभी प्रकार की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया रोक देने के कारण इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां भी लटक गईं। इसे लेकर आशीष कुमार और अन्य अभ्यर्थियों में ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 26 अप्रैल 2016 को 874 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसकी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया तीन फरवरी 2017 को पूरी हो गई। इसी बीच सूबे में नई सरकार का गठन हुआ और सभी प्रकार की चयन तथा नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई। याचीगण का कहना है कि चयन प्रक्रिया में न तो किसी धांधली की शिकायत है और न ही कोई जांच चल रही है। बिना कोई कारण बताए इसे रोक दिया गया। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 16 अगस्त तक इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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