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Prayagraj News: एक जवान के हवाले 1917 वाहन, कैसे न लगे जाम?
Tue, 14 Jul 2026 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Tue, 14 Jul 2026 02:20 AM IST
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शहर में वाहनों का रेला लगातार बढ़ रहा है। इसके उलट यातायात पुलिसकर्मियों की संख्या घट रही है। यही कमी शहर की यातायात व्यवस्था पर खासा असर डाल रही है। आंकड़े बताते हैं कि ट्रैफिक पुलिस के 1328 स्वीकृत पदों में से 759 खाली हैं। 584 कर्मियों के भरोसे ही शहर की यातायात व्यवस्था है। इनमें से भी हर रोज औसतन 100 पुलिसकर्मी किसी न किसी कारण से छुट्टी पर रहते हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 759 जवानों की जरूरत बताई गई है। इसके लिए कई बार शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। पुलिस कर्मियों की कमी की वजह से अभी तक ऐसा कोई स्थायी प्लान नहीं बन पाया है जिससे शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो सके।
शहर के मेडिकल चौराहा, मेयोहाल, हिंदू हॉस्टल, हनुमान मंदिर चौराहा, हीवेट रोड, जानसेनगंज, बांगड़ चौराहा, सोहबतियाबाग, बालसन और तेलियरगंज समेत कई प्रमुख इलाकों में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। यातायात प्रभारी मनोज सिंह का कहना है कि प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
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वीआईपी ड्यूटी में लगते हैं अधिकतर जवान
यातायात पुलिस के कई कर्मियों की ड्यूटी वीआईपी कार्यक्रमों और अन्य व्यवस्थाओं में लगाई जाती है। इससे कई बार प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं हो पाती। शहर में 36 प्रमुख चौराहे हैं, जहां यातायात पुलिस की मौजूदगी जरूरी है। जिले में करीब 11.20 लाख वाहन पंजीकृत हैं। यानी लगभग 1917 वाहनों पर एक जवान है। इतने बड़े वाहन दबाव के मुकाबले सीमित यातायात बल होने से जाम नियंत्रित करना चुनौती बन गया है।
100 कर्मियों की तैनाती के बाद भी राहत नहीं
हाल ही में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 220 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें से करीब 100 कर्मियों ने ही कार्यभार संभाला है। तैनाती से पहले उम्मीद थी कि जाम वाले इलाकों में व्यवस्था बेहतर होगी लेकिन स्थिति में जस की तस बनी हुई है।
कांस्टेबल और होमगार्ड की सबसे ज्यादा कमी
यातायात पुलिस में स्वीकृत 1328 पदों के मुकाबले 759 पद खाली हैं। इसमें ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) के सभी छह पद भरे हैं। ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर के 122 पदों में 58 रिक्त हैं। हेड कांस्टेबल के 108 पदों में 15 अतिरिक्त की तैनाती है। कांस्टेबल के 432 पदों में 309 और होमगार्ड के 600 पदों में 389 पद खाली हैं। पीआरडी जवानों के 60 स्वीकृत पदों में भी तीन पद रिक्त हैं। सबसे ज्यादा कमी कांस्टेबल और होमगार्ड के पदों में है।
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यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 759 जवानों की जरूरत बताई गई है। इसके लिए कई बार शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। पुलिस कर्मियों की कमी की वजह से अभी तक ऐसा कोई स्थायी प्लान नहीं बन पाया है जिससे शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो सके।
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शहर के मेडिकल चौराहा, मेयोहाल, हिंदू हॉस्टल, हनुमान मंदिर चौराहा, हीवेट रोड, जानसेनगंज, बांगड़ चौराहा, सोहबतियाबाग, बालसन और तेलियरगंज समेत कई प्रमुख इलाकों में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। यातायात प्रभारी मनोज सिंह का कहना है कि प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
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वीआईपी ड्यूटी में लगते हैं अधिकतर जवान
यातायात पुलिस के कई कर्मियों की ड्यूटी वीआईपी कार्यक्रमों और अन्य व्यवस्थाओं में लगाई जाती है। इससे कई बार प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं हो पाती। शहर में 36 प्रमुख चौराहे हैं, जहां यातायात पुलिस की मौजूदगी जरूरी है। जिले में करीब 11.20 लाख वाहन पंजीकृत हैं। यानी लगभग 1917 वाहनों पर एक जवान है। इतने बड़े वाहन दबाव के मुकाबले सीमित यातायात बल होने से जाम नियंत्रित करना चुनौती बन गया है।
100 कर्मियों की तैनाती के बाद भी राहत नहीं
हाल ही में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 220 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें से करीब 100 कर्मियों ने ही कार्यभार संभाला है। तैनाती से पहले उम्मीद थी कि जाम वाले इलाकों में व्यवस्था बेहतर होगी लेकिन स्थिति में जस की तस बनी हुई है।
कांस्टेबल और होमगार्ड की सबसे ज्यादा कमी
यातायात पुलिस में स्वीकृत 1328 पदों के मुकाबले 759 पद खाली हैं। इसमें ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) के सभी छह पद भरे हैं। ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर के 122 पदों में 58 रिक्त हैं। हेड कांस्टेबल के 108 पदों में 15 अतिरिक्त की तैनाती है। कांस्टेबल के 432 पदों में 309 और होमगार्ड के 600 पदों में 389 पद खाली हैं। पीआरडी जवानों के 60 स्वीकृत पदों में भी तीन पद रिक्त हैं। सबसे ज्यादा कमी कांस्टेबल और होमगार्ड के पदों में है।