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राजभाष अधिनियम के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा विवि
Updated Thu, 28 Jun 2018 01:04 AM IST
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राजभाषा अधिनियम के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा इविवि
यूजीसी राजभाषा अनुभाग की टीम ने समीक्षा बैठक में कहा
एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, सेंट्रल लाइब्रेरी का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की दो सदस्यीय टीम बुधवार को इविवि पहुंची। दो दिनी दौरे पर आई टीम ने कुछ हिस्सों का निरीक्षण करने के बाद समीक्षा बैठक की। इसमें कहा कि विवि फिलहाल राजभाषा अधिनियम के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। जरूरत है कि विवि में शत-प्रतिशत कार्य राजभाषा हिंदी में हो।
टीम में यूजीसी राजभाषा अनुभाग की वरिष्ठ संयुक्त सचिव डॉ. उर्मिला देवी और अपर सचिव डॉ. महेंद्र कुमार शामिल हैं। इविवि पहुंचने के बाद टीम सबसे पहले दरभंगा हाल स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक का निरीक्षण करने पहुंची। इसके बाद सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंचकर भी जायजा लिया। दोपहर में नॉर्थ हाल में आयोजित समीक्षा बैठक में दोनों सदस्य विवि और डिग्री कॉलेजों से आए प्रतिनिधियों से रूबरू हुए। बैठक में टीम ने कहा कि इविवि जिस क्षेत्र में आता है वह पूर्णतया हिंदीभाषी है। इस लिहाज से विवि राजभाषा अधिनियम के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। यहां शत प्रतिशत काम हिंदी में होना चाहिए। टीम ने राजभाषा अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही चेताया कि अधिनियम का पालन को लेकर अफसर गंभीर हो जाएं। टीम ने सुझाव दिया कि विवि में राजभाषा के लिए अलग कार्यालय होना चाहिए। इसके साथ ही यहां राजभाषा अधिकारी, अनुवादक व अन्य स्टाफ की भी नियुक्ति की जानी चाहिए। यूजीसी की टीम बृहस्पतिवार को भी विवि में रहेगी। इस दौरान दोनों सदस्य चीफ प्रॉक्टर, एनएसएस, कुलपति और हिंदी विभाग के कार्यालय का निरीक्षण करेंगे। समीक्षा बैठक में विवि राजभाषा क्रियान्वयन समिति के संयोजक डॉ. सूर्यनारायण, कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र, डॉ. वीके सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार, रजिस्ट्रार प्रो. एचएस उपाध्याय के अलावा विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के राजभाषा समितियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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यूजीसी राजभाषा अनुभाग की टीम ने समीक्षा बैठक में कहा
एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, सेंट्रल लाइब्रेरी का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की दो सदस्यीय टीम बुधवार को इविवि पहुंची। दो दिनी दौरे पर आई टीम ने कुछ हिस्सों का निरीक्षण करने के बाद समीक्षा बैठक की। इसमें कहा कि विवि फिलहाल राजभाषा अधिनियम के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। जरूरत है कि विवि में शत-प्रतिशत कार्य राजभाषा हिंदी में हो।
टीम में यूजीसी राजभाषा अनुभाग की वरिष्ठ संयुक्त सचिव डॉ. उर्मिला देवी और अपर सचिव डॉ. महेंद्र कुमार शामिल हैं। इविवि पहुंचने के बाद टीम सबसे पहले दरभंगा हाल स्थित एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक का निरीक्षण करने पहुंची। इसके बाद सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंचकर भी जायजा लिया। दोपहर में नॉर्थ हाल में आयोजित समीक्षा बैठक में दोनों सदस्य विवि और डिग्री कॉलेजों से आए प्रतिनिधियों से रूबरू हुए। बैठक में टीम ने कहा कि इविवि जिस क्षेत्र में आता है वह पूर्णतया हिंदीभाषी है। इस लिहाज से विवि राजभाषा अधिनियम के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। यहां शत प्रतिशत काम हिंदी में होना चाहिए। टीम ने राजभाषा अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही चेताया कि अधिनियम का पालन को लेकर अफसर गंभीर हो जाएं। टीम ने सुझाव दिया कि विवि में राजभाषा के लिए अलग कार्यालय होना चाहिए। इसके साथ ही यहां राजभाषा अधिकारी, अनुवादक व अन्य स्टाफ की भी नियुक्ति की जानी चाहिए। यूजीसी की टीम बृहस्पतिवार को भी विवि में रहेगी। इस दौरान दोनों सदस्य चीफ प्रॉक्टर, एनएसएस, कुलपति और हिंदी विभाग के कार्यालय का निरीक्षण करेंगे। समीक्षा बैठक में विवि राजभाषा क्रियान्वयन समिति के संयोजक डॉ. सूर्यनारायण, कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र, डॉ. वीके सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार, रजिस्ट्रार प्रो. एचएस उपाध्याय के अलावा विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के राजभाषा समितियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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