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इविवि प्रशासन ने हॉस्टल खाली कराने से खड़े किए हाथ

Tue, 20 Nov 2018 10:08 PM IST
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:08 PM IST
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इविवि प्रशासन ने हॉस्टल खाली कराने से खड़े किए हाथ
इविवि प्रशासन ने हॉस्टल खाली कराने से खड़े किए हाथ
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0 चीफ प्रॉक्टर ने कार्रवाई के लिए डीएम, एसएसपी को लिखा पत्र
0 अराजक तत्वों के भय से अधीक्षक भी आगे आने को तैयार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने हॉस्टलों से अराजक तत्वों को हटाए जाने के मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं। अराजक तत्वों के भय से कुछ हॉस्टलों के अधीक्षक भी आगे आने को तैयार नहीं है। विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने अब डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है।
चीफ प्रॉक्टर ने पत्र के माध्यम से कहा है कि विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अराजक गतिविधियों पर अंकुश लगाना कठिन हो गया है। आपराधिक पृष्ठभूमि के अराजकतत्वों से छात्रावासों को मुक्त करा पाना असंभव सा लगने लगा है। एक तरफ दूर-दराज के क्षेत्रों से यहां प्रवेश लेने वाले नए छात्र हॉस्टल के लिए भटक रहे हैं और उन्हें आंदोलन करना पड़ा रहा है। वहीं, दूसरी ओर अराजकतत्वों का दबदबा इस तरह बना हुआ है कि कुछ छात्रावासों के कार्यालय सहायक और अधीक्षक कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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छात्रावासों में अनुशासन बनाए रखना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। छात्रावासों को व्यवस्थित करने की दिशा में कोई भी कदम उठाने से पहले कई तरह की समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। छात्रावासों से लगातार अराजक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ऐसे में जिला और पुलिस प्रशासन के सहयोग के बगैर इविवि जैसी राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान को सुरक्षित करना अब असंभव प्रतीत हो रहा है। चीफ प्रॉक्टर ने डीएम और एसएसपी से अनुरोध किया है कि अराजकतत्वों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवाकर उनके चंगुल से हॉस्टलों को मुक्त कराएं।
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आंदोलन का नेतृत्व करने वाला छात्र इविवि से निष्कासित
0 आंदोलनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ निकाला जुलूस
0 छात्रसंघ अध्यक्ष ने की मांग, पुराने छात्रों का स्थानांतरण रोक जाए
प्रयागराज। हॉस्टल आवंटन के मुद्दे पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र आमने-सामने आ गए हैं। हॉस्टल आवंटन की मांग को लेकर सोमवार को डीएसडब्लयू कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र आदर्श मिश्र को विश्वविद्यालय से एक साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। वहीं, आंदोलनकारी छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को परिसर में जुलूस निकाला। साथ ही छात्रसंघ अध्यक्ष ने इविवि प्रशासन को ज्ञापन देकर मांग की है कि हॉस्टलों से पुराने छात्रों को स्थानांतरण रोका जाएगा और नए छात्रों को हॉस्टलों में जगह दी जाए।
छात्रसंघ अध्यक्ष का पत्र मिलने के बाद इविवि प्रशासन पशोपेश में है। अगर पुराने छात्रों का स्थानांतरण रोक दिया जाएगा तो नए छात्रों को हॉस्टलों में जगह कहां से दी जाएगी। हालांकि छात्रसंघ अध्यक्ष ने यह मांग भी की है कि जिन छात्र-छात्राओं का नए कोर्स में दाखिल हो चुका है, उन्हें हॉस्टल से बाहर न किया जाए। उधर, हॉस्टल आवंटन की मांग को लेकर सोमवार को हुए आंदोलन कर नेतृत्व करने वाले बीए द्वितीय वर्ष के छात्र आदर्श मिश्र को इविवि से एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया।

मंगलवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने कुलपति के आदेश के अनुपालन में आदर्श का निष्कासन पत्र जारी कर दिया। वहीं, आदर्श का आरोप है कि सोमवार देर रात पुलिस ने इविवि प्रशासन के इशारे पर छात्रों को धरने से उठाकर हिरासत में ले लिया। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह बाद हॉस्टलों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई होगी। अगर कार्रवाई नहीं होती है तो छात्र फिर से आंदोलन करेंगे। उधर, छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई के विरोध में इंकलाबी छात्र मोर्चा ने एफसीआई बिल्डिंग से लेकर कुलपति कार्यालय तक जुलूस निकाला। इसमें रामचंद्र, सोनू वर्मा, हेमंत कुमार सिंह, दिव्यांशु सिंह, अनुप कुमार र्मिल, आलोक कुमार आदि शामिल रहे।
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