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कम गुणांक वालों को वरीयता वाले जिले देने पर सुनवाई 10 को
Updated Sat, 01 Dec 2018 09:07 PM IST
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68500 सहायक अध्यापक भर्ती
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कम गुणांक पाने वालों को वरीयता
वाले जिले देने पर सुनवाई 10 को
0 हाईकोर्ट नेे सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करने का निर्देश दिया
प्रयागराज। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में कम गुणांक पानेे वाले अभ्यर्थियों को उनके वरीयता वाले जिले आवंटित करने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया कि वह हर जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दो समाचारपत्रों में यह नोटिस प्रकाशित कराने का निर्देश दें कि याचिका पर सुनवाई चल रही है। ऐसे अभ्यर्थी जिनका गुणांक कम है, मगर उनको वरीयता वाला जिला आवंटित किया गया है, याचिका पर अपना पक्ष रख सकते हैं।
शिखा सिंह और नेहा त्रिपाठी सहित कई अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार सुनवाई कर रहे हैं। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में योग्य अभ्यर्थियों से उनके वरीयता वाले जिलों का विकल्प मांगा गया था। वरीयता का निर्धारण उनके गुणांक पर होना था। अर्थात, अधिक गुणांक वालों को पहले वरीयता वाले जिले आवंटित होने थे। याचीगण का कहना है कि उनके शैक्षणिक गुणांक अधिक थे, इसके बावजूद उनको वरीयता वाले जिले आवंटित नहीं किए गए, जबकि कम गुणांक वालों को वरीयता वाले जिलों में नियुक्ति दे दी गई। कोर्ट इस मामले में 10 दिसंबर को अंतिम सुनवाई करेगी।
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कम गुणांक पाने वालों को वरीयता
वाले जिले देने पर सुनवाई 10 को
0 हाईकोर्ट नेे सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करने का निर्देश दिया
प्रयागराज। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में कम गुणांक पानेे वाले अभ्यर्थियों को उनके वरीयता वाले जिले आवंटित करने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया कि वह हर जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दो समाचारपत्रों में यह नोटिस प्रकाशित कराने का निर्देश दें कि याचिका पर सुनवाई चल रही है। ऐसे अभ्यर्थी जिनका गुणांक कम है, मगर उनको वरीयता वाला जिला आवंटित किया गया है, याचिका पर अपना पक्ष रख सकते हैं।
शिखा सिंह और नेहा त्रिपाठी सहित कई अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार सुनवाई कर रहे हैं। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में योग्य अभ्यर्थियों से उनके वरीयता वाले जिलों का विकल्प मांगा गया था। वरीयता का निर्धारण उनके गुणांक पर होना था। अर्थात, अधिक गुणांक वालों को पहले वरीयता वाले जिले आवंटित होने थे। याचीगण का कहना है कि उनके शैक्षणिक गुणांक अधिक थे, इसके बावजूद उनको वरीयता वाले जिले आवंटित नहीं किए गए, जबकि कम गुणांक वालों को वरीयता वाले जिलों में नियुक्ति दे दी गई। कोर्ट इस मामले में 10 दिसंबर को अंतिम सुनवाई करेगी।
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