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सीआईएसएफ जवानों की बर्खासतगी पर रोक से इंकार
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सीआईएसएफ जवानों की बर्खास्तगी पर रोक से इंकार
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीआईएसएफ, पटना इकाई में तैनात आरक्षियों राम लोचन प्रसाद और प्रदीप कुमार सिंह को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि जांच अधिकारी और अनुशासनिक प्राधिकारियों द्वारा साक्ष्यों के आधार पर निकाले गए निष्कर्ष पर हाईकोर्ट को अनुच्छेद 226 में परीक्षण करने का अधिकार नही ंहै।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने आरक्षियों की बर्खास्तगी आदेश की वैधता की चुनौती याचिकाओं पर दिया है। याचीगण के खिलाफ आरक्षी जगदीश यादव को आवास से खींच कर मारपीट करने एवं पत्नी को विधवा बनाने तथा पुत्री का अपहरण कर दुराचार करने की धमकी देने का आरोप है। शिकायत पर इसकी जांच कराई गई। जांच में दोनों पर लगे आरोप साबित हुए इसके बाद इनको बर्खास्त कर दिया गया। विभागीय अपील भी खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान कानून व्यवस्था के कोड ऑफ कंडक्ट से बंधे है। याचीगण का कार्य आपत्तिजनक है। कोर्ट ने सजा को सही करार देते हुए याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीआईएसएफ, पटना इकाई में तैनात आरक्षियों राम लोचन प्रसाद और प्रदीप कुमार सिंह को राहत देने से इंकार करते हुए उनकी बर्खास्तगी के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि जांच अधिकारी और अनुशासनिक प्राधिकारियों द्वारा साक्ष्यों के आधार पर निकाले गए निष्कर्ष पर हाईकोर्ट को अनुच्छेद 226 में परीक्षण करने का अधिकार नही ंहै।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने आरक्षियों की बर्खास्तगी आदेश की वैधता की चुनौती याचिकाओं पर दिया है। याचीगण के खिलाफ आरक्षी जगदीश यादव को आवास से खींच कर मारपीट करने एवं पत्नी को विधवा बनाने तथा पुत्री का अपहरण कर दुराचार करने की धमकी देने का आरोप है। शिकायत पर इसकी जांच कराई गई। जांच में दोनों पर लगे आरोप साबित हुए इसके बाद इनको बर्खास्त कर दिया गया। विभागीय अपील भी खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान कानून व्यवस्था के कोड ऑफ कंडक्ट से बंधे है। याचीगण का कार्य आपत्तिजनक है। कोर्ट ने सजा को सही करार देते हुए याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
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