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सूखे से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगे विद्यालय
विद्यालयों मेें गठित होगी सूखा प्रबंधन समिति, सूखाग्रस्त इलाकों का करेंगे आकलन, भरेंगे कुएं, चालू कराएंगे नलकूप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में सूखे से निपटने के लिए माध्यमिक व महाविद्यालयों की भूमिका अब अहम होगी। विद्यालयों में सूखा प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा। छात्र- छात्राओं के साथ शिक्षक- शिक्षिकाएं गांव-गांव घूमकर सूखाग्रस्त इलाकों का आंकलन करेंगी। जिससे सूखे की स्थिति में कुओं और बंद पड़े नलकूपों को चालू कराया जा सके। डीआईओएस के निर्देश पर कॉलेजों में इसकी प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है।
गर्मी के दिनों में जिले में गांवों में पानी का संकट खड़ा हो जाता है। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र के ऐसे कई ऐसे गांव है जहां जलस्तर नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में कुंए सूख जाते हैं, नलकूप ठप हो जाते हैं। पानी के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।इस बार सूखे से निपटने के लिए माध्यमिक विद्यालय व महाविद्यालय की ओर से पहल शुरू की जा रही है। इसके लिए कालेजों में सूखा प्रबंध समिति गठित की जाएगी। समिति में न सिर्फ शिक्षक व बच्चे बल्कि उनके अभिभावक भी रहेंगे। समिति से जुड़े सभी पदाधिकारी व सदस्य विद्यालय के आसपास के सूखाग्रस्त इलाकों का आकलन करने के साथ उनकी सूची तैयार करेंगे। भौगोलिक स्थिति जांचने और सूखाग्रस्त इलाकों को सूची भी तैयार करेंगे। सूखे के समय सूखे कुओं को भराने में सहयोग करेंगे। इसके अलावा बंद पड़े नलकूपों को चालू कराएंगे। डीआईओएस डॉ. एसपी यादव ने बताया कि समिति को गठित करने के लिए सभी प्रधानाचार्यों एवं प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिया गया है, ताकि इस पहल को सार्थक रूप दिया जा सके।
इनसेट--------------
समाजसेवी संस्थाओं का भी लेेंगे सहयोग
सूखे कुओं में जल भरने व बंद नलकूपों को चालू कराने के लिए समिति समाजसेवी संस्थाओं से सहयोग लेगी। इसके अलावा जनसहयोग भी लिया जाएगा। इसके लिए समिति के पदाधिकारी लोगों से संपर्क करेंगे।
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विद्यालयों मेें गठित होगी सूखा प्रबंधन समिति, सूखाग्रस्त इलाकों का करेंगे आकलन, भरेंगे कुएं, चालू कराएंगे नलकूप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले में सूखे से निपटने के लिए माध्यमिक व महाविद्यालयों की भूमिका अब अहम होगी। विद्यालयों में सूखा प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा। छात्र- छात्राओं के साथ शिक्षक- शिक्षिकाएं गांव-गांव घूमकर सूखाग्रस्त इलाकों का आंकलन करेंगी। जिससे सूखे की स्थिति में कुओं और बंद पड़े नलकूपों को चालू कराया जा सके। डीआईओएस के निर्देश पर कॉलेजों में इसकी प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है।
गर्मी के दिनों में जिले में गांवों में पानी का संकट खड़ा हो जाता है। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र के ऐसे कई ऐसे गांव है जहां जलस्तर नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में कुंए सूख जाते हैं, नलकूप ठप हो जाते हैं। पानी के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।इस बार सूखे से निपटने के लिए माध्यमिक विद्यालय व महाविद्यालय की ओर से पहल शुरू की जा रही है। इसके लिए कालेजों में सूखा प्रबंध समिति गठित की जाएगी। समिति में न सिर्फ शिक्षक व बच्चे बल्कि उनके अभिभावक भी रहेंगे। समिति से जुड़े सभी पदाधिकारी व सदस्य विद्यालय के आसपास के सूखाग्रस्त इलाकों का आकलन करने के साथ उनकी सूची तैयार करेंगे। भौगोलिक स्थिति जांचने और सूखाग्रस्त इलाकों को सूची भी तैयार करेंगे। सूखे के समय सूखे कुओं को भराने में सहयोग करेंगे। इसके अलावा बंद पड़े नलकूपों को चालू कराएंगे। डीआईओएस डॉ. एसपी यादव ने बताया कि समिति को गठित करने के लिए सभी प्रधानाचार्यों एवं प्राचार्यों को निर्देश जारी कर दिया गया है, ताकि इस पहल को सार्थक रूप दिया जा सके।
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समाजसेवी संस्थाओं का भी लेेंगे सहयोग
सूखे कुओं में जल भरने व बंद नलकूपों को चालू कराने के लिए समिति समाजसेवी संस्थाओं से सहयोग लेगी। इसके अलावा जनसहयोग भी लिया जाएगा। इसके लिए समिति के पदाधिकारी लोगों से संपर्क करेंगे।
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