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आंधी से तीन डिग्री लुढ़का पारा
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आंधी से तीन डिग्री लुढ़का पारा
0 35 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाएं फिर भी तपन
0 गर्म हवाओं के थपेड़ों से परेशान रहे लोग, शाम को बदरी
प्रयागराज। तापमान के लगातार बढ़ने के बाद अब मौसमी उठापटक शुरू हो गई है। बीते 24 घंटे में दो बार धूल भरी आंधी से गर्मी से कुछ राहत मिली लेकिन तपन बनी रही। सोमवार की भोर में आई आंधी से अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री और न्यूनतम पारा दो डिग्री लुढ़क गया। वहीं वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस हावी रही और लू के थपेड़े त्वचा झुलसाते रहे। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक चक्रवाती प्रभाव का दबाव प्री मानसून की बारिश का चक्र बिगाड़ रहा है। अब हल्की बूंदाबांदी के ही आसार हैं।
पहाड़ों पर बारिश का असर रहा कि 48 घंटे के भीतर ही तापमान करीब 4.5 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। आंधी और हल्की बौछारों से सूखी गर्मी उमस भरी हो गई। इसका असर सोमवार को साफ दिखा। अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री से लुढ़ककर 41 डिग्री पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान 31.4 से 29 डिग्री सेल्यिस पर आ गया। आर्द्रता का स्तर 59/32 प्रतिशत मापा गया।
सूरज के तमतमाने पर पारा लुढ़कना बेअसर रहा। धूप तेज और त्वचा झुलसाने वाली रही। तेज रफ्तार गर्म हवाएं परेशानी का कारण बनी। सड़कों पर शाम सात बजे तक आंच बनी रही। हवाओं में ठंडक आई तो रात करीब दस बजे आवारा बादलों ने डेरा जमा लिया। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा ने बताया कि रात ठंडी होने से सापेक्षित आर्द्रता बढ़ी है। यही आंधी और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का कारण बनेगा। आसार हैं कि हवा कमजोर होने पर बादल डेरा जमाएंगे, और आंधी संग बूंदाबांदी हो सकती है, नहीं तो राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाएं तपन बढ़ाने का कारण बनेंगी।
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0 35 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाएं फिर भी तपन
0 गर्म हवाओं के थपेड़ों से परेशान रहे लोग, शाम को बदरी
प्रयागराज। तापमान के लगातार बढ़ने के बाद अब मौसमी उठापटक शुरू हो गई है। बीते 24 घंटे में दो बार धूल भरी आंधी से गर्मी से कुछ राहत मिली लेकिन तपन बनी रही। सोमवार की भोर में आई आंधी से अधिकतम तापमान करीब तीन डिग्री और न्यूनतम पारा दो डिग्री लुढ़क गया। वहीं वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस हावी रही और लू के थपेड़े त्वचा झुलसाते रहे। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक चक्रवाती प्रभाव का दबाव प्री मानसून की बारिश का चक्र बिगाड़ रहा है। अब हल्की बूंदाबांदी के ही आसार हैं।
पहाड़ों पर बारिश का असर रहा कि 48 घंटे के भीतर ही तापमान करीब 4.5 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। आंधी और हल्की बौछारों से सूखी गर्मी उमस भरी हो गई। इसका असर सोमवार को साफ दिखा। अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री से लुढ़ककर 41 डिग्री पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान 31.4 से 29 डिग्री सेल्यिस पर आ गया। आर्द्रता का स्तर 59/32 प्रतिशत मापा गया।
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सूरज के तमतमाने पर पारा लुढ़कना बेअसर रहा। धूप तेज और त्वचा झुलसाने वाली रही। तेज रफ्तार गर्म हवाएं परेशानी का कारण बनी। सड़कों पर शाम सात बजे तक आंच बनी रही। हवाओं में ठंडक आई तो रात करीब दस बजे आवारा बादलों ने डेरा जमा लिया। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा ने बताया कि रात ठंडी होने से सापेक्षित आर्द्रता बढ़ी है। यही आंधी और हल्की बारिश या बूंदाबांदी का कारण बनेगा। आसार हैं कि हवा कमजोर होने पर बादल डेरा जमाएंगे, और आंधी संग बूंदाबांदी हो सकती है, नहीं तो राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाएं तपन बढ़ाने का कारण बनेंगी।
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