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मामामामा
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पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ लंबित परिवाद प्रतापगढ़ वापस
प्रयागराज। बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ लंबित परिवाद की पत्रावली स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने सुनवाई का क्षेत्राधिकार न पाते हुए संबंधित जिला न्यायालय प्रतापगढ़ वापस भेज दी है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
प्रकरण प्रतापगढ़ के कोतवाली थाने का है। वादी अरविंद कुमार पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, बसपा के महासचिव सतीश मिश्रा, राम अचल राजभर और नसीमउद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ जिला न्यायालय प्रतापगढ़ में परिवाद दाखिल किया था। परिवादी ने सभी पर भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की मां, पत्नी, बेटी आदि के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। परिवाद की पत्रावली सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट आई थी। कोर्ट ने परिवादी को नोटिस जारी कर कहा था कि वह कोर्ट में उपस्थित होकर बताएं कि इस कोर्ट को परिवाद की सुनवाई का क्षेत्राधिकार किस प्रकार है। परिवाद में वादी ने अपना और गवाहों का बयान दर्ज नहीं कराया था। नोटिस जारी होने के बावजूद परिवादी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। अभियोजन की ओर से कहा गया कि परिवाद पर इस कोर्ट को सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है। कोर्ट ने परिवाद की पत्रावली संबंधित जिला न्यायालय को सुनवाई के लिए वापस भेजे जाने का आदेश दिया है।
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प्रयागराज। बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ लंबित परिवाद की पत्रावली स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने सुनवाई का क्षेत्राधिकार न पाते हुए संबंधित जिला न्यायालय प्रतापगढ़ वापस भेज दी है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
प्रकरण प्रतापगढ़ के कोतवाली थाने का है। वादी अरविंद कुमार पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, बसपा के महासचिव सतीश मिश्रा, राम अचल राजभर और नसीमउद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ जिला न्यायालय प्रतापगढ़ में परिवाद दाखिल किया था। परिवादी ने सभी पर भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की मां, पत्नी, बेटी आदि के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। परिवाद की पत्रावली सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट आई थी। कोर्ट ने परिवादी को नोटिस जारी कर कहा था कि वह कोर्ट में उपस्थित होकर बताएं कि इस कोर्ट को परिवाद की सुनवाई का क्षेत्राधिकार किस प्रकार है। परिवाद में वादी ने अपना और गवाहों का बयान दर्ज नहीं कराया था। नोटिस जारी होने के बावजूद परिवादी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। अभियोजन की ओर से कहा गया कि परिवाद पर इस कोर्ट को सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है। कोर्ट ने परिवाद की पत्रावली संबंधित जिला न्यायालय को सुनवाई के लिए वापस भेजे जाने का आदेश दिया है।
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