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एसएचओ झूंसी को लाइन हाजिर करने का कोर्ट का आदेश
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झूंसी के एसएचओ को लाइन हाजिर करने का कोर्ट का आदेश
क्रासर
विवादित भूमि पर निर्माण कराने व कोर्ट को गुमराह करने का मामला
प्रयागराज ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएचओ झूंसी के खिलाफ जांच करने का एसएसपी को निर्देश दिया है। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध करने को कहा है। कोर्ट ने यह कड़ा कदम एसएचओ द्वारा बिना अधिकार के निषेधाज्ञा के बावजूद याची की जमीन पर निर्माण कराने और कोर्ट में गलत जानकारी देने के कारण उठाया है। भूमि विवाद पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्यवाही करने को कहा है और याचिका निस्तारित कर दी है।
कोर्ट ने एसएसपी को जांचकर एसएचओ पर कार्यवाही करने तथा जांच रिपोर्ट महानिबंधक के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने झूंसी की कनकलता कुशवाहा की याचिका पर दिया है।
मालूम हो कि याची की जमीन का विवाद चल रहा है। अधीनस्थ न्यायलय से निषेधाज्ञा जारी है। इसके बावजूद एसएचओ विपक्षी को विवादित भूमि पर निर्माण करने में मदद कर रहा है। कोर्ट ने एसएचओ को तलब किया। नहीं आने पर कोर्ट ने जमानती वारंट जारी कर पेश होने का आदेश दिया। हाजिर होकर एसएचओ ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट का आदेश मिला था, लेकिन वह छुट्टी पर था। जबकि सरकारी वकील ने बताया कि एसएचओ को फोन कर कोर्ट के आदेश की जानकारी दी थी। इसके बावजूद कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया और एसएचओ के रवैये की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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विवादित भूमि पर निर्माण कराने व कोर्ट को गुमराह करने का मामला
प्रयागराज ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएचओ झूंसी के खिलाफ जांच करने का एसएसपी को निर्देश दिया है। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध करने को कहा है। कोर्ट ने यह कड़ा कदम एसएचओ द्वारा बिना अधिकार के निषेधाज्ञा के बावजूद याची की जमीन पर निर्माण कराने और कोर्ट में गलत जानकारी देने के कारण उठाया है। भूमि विवाद पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्यवाही करने को कहा है और याचिका निस्तारित कर दी है।
कोर्ट ने एसएसपी को जांचकर एसएचओ पर कार्यवाही करने तथा जांच रिपोर्ट महानिबंधक के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने झूंसी की कनकलता कुशवाहा की याचिका पर दिया है।
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मालूम हो कि याची की जमीन का विवाद चल रहा है। अधीनस्थ न्यायलय से निषेधाज्ञा जारी है। इसके बावजूद एसएचओ विपक्षी को विवादित भूमि पर निर्माण करने में मदद कर रहा है। कोर्ट ने एसएचओ को तलब किया। नहीं आने पर कोर्ट ने जमानती वारंट जारी कर पेश होने का आदेश दिया। हाजिर होकर एसएचओ ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट का आदेश मिला था, लेकिन वह छुट्टी पर था। जबकि सरकारी वकील ने बताया कि एसएचओ को फोन कर कोर्ट के आदेश की जानकारी दी थी। इसके बावजूद कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया और एसएचओ के रवैये की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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