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हॉस्टल खाली होते ही डेलीगेसी में कमरे महंगे

Sun, 26 May 2019 11:03 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 26 May 2019 11:03 PM IST
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हॉस्टल खाली होते ही डेलीगेसी में कमरे महंगे
कमरों का किराया बढ़ा, सड़क पर हॉस्टल के छात्र
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0 हॉस्टलों में वॉशआउट के बाद डेलीगेसी में छात्रों को नहीं मिल रही जगह
0 कमरों के लिए वसूला जा रहा दोगुना किराया, मांगी जा रही सिक्योरिटी मनी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हॉस्टल में वॉशआउट की तैयारी होते ही डेलीगेसी में कमरे महंगे गए थे। नतीजा कि बहुत से छात्र इतने महंगे कमरे किराये पर नहीं ले सके और रविवार को वॉशआउट की कार्रवाई होते ही ऐसे छात्र सड़क पर आ गए। भीषण गर्मी और शहरी झुलसा देने वाली धूप में छात्र बर्तन, बिस्तर और अन्य जरूरी सामानों के साथ सड़कों पर भटकते नजर आए।
छात्रों को शिकायत है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने हॉस्टल खाली करने के लिए उन्हें महज दो दिनों का वक्त दिया। इतने कम वक्त में दूसरी जगह कमरा मिल पाना मुमकिन नहीं था। सुजानगंज, जौनपुर के रहने वाले बीए तृतीय वर्ष के छात्र अतुल सिंह और अभिषेक मिश्र को केपीयूसी में कमरा आवंटित हुआ था। रविवार को उनका पूरा सामान कमरे से बाहर कर वहां सील लगा दी गई। अतुल और अभिषेक अपने स्थानीय मित्रों को लगातार फोन करते रहे ताकि कोई उनका सामान अपने घर में रखवा दे। उनका कहना था कि इतना सामान लेकर घर कैसे लौटेंगे।
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दोनों ने अल्लापुर, सलोरी, कटरा, मम्फोर्डगंज समेत अन्य डेलीगेसी में किराये पर कमरा लेने की कोशिश की। हॉस्टल का नाम सुनते ही मकान मालिकों ने उन्हें लौटा दिया और जो तैयार भी हुए तो उनकी मांग इतनी अधिक थी कि इन बेरोजगारों के लिए पूरा कर पाना मुमकिन नहीं था। इसी हॉस्टल से बाहर किए गए एमए प्रथम वर्ष के छात्र सर्वेंद्र विक्रम सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, सूरज शुक्ला, बीए तृतीय वर्ष के छात्र अमन सिंह भी किराये का कमरा लेने के लिए डेलीगेसी में भटकते रहे।
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इन छात्रों ने बताया कि डेलीगेसी में कमरे पहले से भरे हुए हैं। जो कमरे खाली हैं, उनका किराया अचानक बहुत बढ़ गया है। जिस कमरे का किराया पहले तीन हजार रुपये थे, उसके लिए छह हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। महीने या दो महीने के लिए कोई कमरा देने को तैयार नहीं है। छात्रों से छह माह की सिक्योरिटी मनी मांगी जा रही है। बेरोजगार छात्र इतनी रकम कहां से लाएंगे। सबने मिलकर एक कमरा किराये पर लिया है और वहां केवल सामान रखा है। छात्र कहां रहेंगे, इसकी व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।

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परीक्षाओं के कारण शहर में रहने को मजबूर छात्र
0 इविवि प्रशासन ने केवल ऐसे छात्रों को समर हॉस्टल में रहने की मंजूरी दी है, जो देश के किसी भी लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में शामिल होने ज रहे हैं लेकिन, बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की है, जिन्होंने अन्य परीक्षाओं के लिए आवेदन कर रखा है और ये परीक्षाएं मई या जून में प्रस्तावित हैं। ऐसे में बहुत से छात्र शहर में रहने के लिए डेलीगेसी में महंगे कमरे लेने को मजबूर हैं। छात्रों ने बताया कि मई में यूजीसी नेट का आयोजन होना है। परास्नातक के ज्यादातर छात्रों ने आवेदन कर रखा है। इसके लिए दो जून को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा है। जून में रेलवे की परीक्षा भी है। एसएससी की परीक्षाएं भी हैं। कई छात्रों को किराये पर कमरा ढूंढ़ने में भी वक्त लगेगा। इसके लिए उन्हें दिनभर भटकना पड़ेगा। ऐसे में उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होगी।
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