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स्वास् थ्य सेविकाओं को नियुक्ति देने का आदेश
Updated Fri, 10 Nov 2017 10:14 PM IST
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स्वास्थ्य सेविकाओं को नियुक्ति देने का आदेश
संविदा पर कार्यरत कार्यरत सेविकाओं को राहत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रशिक्षित संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य सेविकाओं को वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति देने के लिए प्रदेश सरकार को विचार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अर्हता के आधार पर प्रशिक्षण कराने केबाद नियुक्ति देने के समय इनकी शैक्षिक अर्हता देखना मनमानापूर्ण कार्य है और इससे समानता के संवैधानिक अधिकार का हनन होता है। कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश नर्स एवं मेडवाइफ काउंसिल में पंजीकृत स्वास्थ्य सेविकाओं को वरिष्ठता के आधार पर बैचवार नियुक्ति पाने का अधिकार है। जहां तक आयु सीमा में छूट का सवाल है वह सरकार पहले ही दे चुकी है।
प्रियंका शुक्ला सहित 94 स्वास्थ्य सेविकाओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति रामसूरत राम मौर्य ने दिया। याचिका पर अधिवक्ता रवि कुमार शुक्ल सहित तमाम वकीलोें ने पक्ष रखा। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेविकाओं के 5628 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन निकाला था। प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेविकाओं ने इसे चुनौती देते हुए कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनको नियुक्ति पाने का अधिकार हैं। स्वास्थ्य सेविकाओं को महिलाओं में होने वाली कई गंभीर बीमारियों से निपटने में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। अब उनसे शैक्षिक योग्यता के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि वर्ग विशेष के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्वास्थ्य सेविकाओं को नियुक्ति पाने का अधिकार है। उनके भेदभाव नहीं किया जा सकता है। प्रशिक्षण पूरा करते ही वह नियुक्ति पाने के योग्य हो गई हैं।
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संविदा पर कार्यरत कार्यरत सेविकाओं को राहत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रशिक्षित संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्य सेविकाओं को वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति देने के लिए प्रदेश सरकार को विचार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अर्हता के आधार पर प्रशिक्षण कराने केबाद नियुक्ति देने के समय इनकी शैक्षिक अर्हता देखना मनमानापूर्ण कार्य है और इससे समानता के संवैधानिक अधिकार का हनन होता है। कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश नर्स एवं मेडवाइफ काउंसिल में पंजीकृत स्वास्थ्य सेविकाओं को वरिष्ठता के आधार पर बैचवार नियुक्ति पाने का अधिकार है। जहां तक आयु सीमा में छूट का सवाल है वह सरकार पहले ही दे चुकी है।
प्रियंका शुक्ला सहित 94 स्वास्थ्य सेविकाओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति रामसूरत राम मौर्य ने दिया। याचिका पर अधिवक्ता रवि कुमार शुक्ल सहित तमाम वकीलोें ने पक्ष रखा। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेविकाओं के 5628 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन निकाला था। प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेविकाओं ने इसे चुनौती देते हुए कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनको नियुक्ति पाने का अधिकार हैं। स्वास्थ्य सेविकाओं को महिलाओं में होने वाली कई गंभीर बीमारियों से निपटने में सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। अब उनसे शैक्षिक योग्यता के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि वर्ग विशेष के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्वास्थ्य सेविकाओं को नियुक्ति पाने का अधिकार है। उनके भेदभाव नहीं किया जा सकता है। प्रशिक्षण पूरा करते ही वह नियुक्ति पाने के योग्य हो गई हैं।
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