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चुनौतियों का करें सामना, किस्मत पर न रोएं

Sat, 09 Sep 2017 08:59 PM IST
Updated Sat, 09 Sep 2017 08:59 PM IST
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चुनौतियों का करें सामना, किस्मत पर न रोएं
चुनौतियों का करें सामना, किस्मत पर न रोएं
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0 ट्रिपलआईटी के दीक्षांत समारोह में डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक डॉ. वीके सारस्वत बोले
0 बारहवें दीक्षांत समारोह में अपूर्व अग्रवाल को मिला चेयरमैन गोल्ड मेडल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के छात्रों के लिए शनिवार का दिन खास रहा। बारहवें दीक्षांत समारोह में छात्रों को उपाधि देने के लिए आए डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक और नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत ने कहा कि आने वाला समय तकनीक का है। इसमें बहुत अधिक संभावनाएं हैं। देश को आगे ले जाने के लिए टेकभनालॉजी की जरूरत है। स्पेसक्राफ्ट, रोबोटिक्स, आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस आदि में आगे बढ़ने की जरूरत है। डॉ. सारस्वत ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिंदगी में जितनी भी चुनौती आए, उनका डटकर सामना करें। उन्होंने कहा कि आंसुओं पर काबू रखें और अपनी किस्मत का रोना छोड़ें।
दीक्षांत समारोह में चेयरमैन गोल्ड मेडल बीटेक इलेक्ट्रानिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के छात्र अपूर्व अग्रवाल को डिग्री देने के साथ डॉ.वीके सारस्वत ने उनसे बात की। उन्होंने मेधावी छात्र से देश के प्रति उसकी भावी योजनाओं की जानकारी हासिल की। समारोह की अध्यक्षता ट्रिपलआईटी बीओजी के चेयरमैन रविकांत ने की। उन्होंने छात्रों से सूचना क्रांति में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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देश में भरपूर खाद्य भंडार फिर भी लोग भूखे
दीक्षांत भाषण में डॉ. सारस्वत ने डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत, स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, कौशल विकास, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे प्रमुख विषयों पर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि 21 वीं सदी में एक सफल इंजीनियर को प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाली जटिल इंजीनियरिंग उत्पादों का विकास करने और वैश्विक दुनिया में प्रतिस्पर्द्धी रहने के लिए कौशल हासिल करना होगा। कहा कि देश में 30 करोड़ ग्रामीण भारतीय गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। 83.3 करोड़ लोग गांव में निवास कर रहे हैं। इनका सकल घरेलू उत्पादन में योगदान मात्र 14 से 15 फीसदी है। 260 मिलियन टन से अधिक खाद्य भंडार होने के बाद भी लोग भूखे हैं। देश में पांच वर्ष से कम आयु के 42 फीसदी बच्चे कुपोषण के शिकार हैं।
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सूचना प्रौद्योगिकी से सुधरेगी स्वास्थ्य सुविधा
डॉ. सारस्वत ने कहा कि 2025 तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 700 से 900 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि क्लाउड आधारित सेवाओं के साथ-साथ ज्ञान का विकास, डिजिटल भुगतान और डिजिटल पहचान की जांच मोबाइल इंटरनेट के लिए आधार प्रदान करेगा। बीओजी अध्यक्ष रविकांत ने कहा कि रोबोटिक्स एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता में नई चुनौतियों का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता है। संस्थान के निदेशक प्रो. पी नागभूषण ने उपाधि पाने वाले छात्रों का आह्वान किया कि वह अपने उद्देश्य पर कायम रहेेंगे। दीक्षांत समारोह में एसोसिएट डीन डॉ. नीतेश पुरोहित ने धन्यवाद एवं डीन एकेडमिक एवं रिसर्च प्रो. तपोव्रत लाहिड़ी ने उपाधि हासिल करने वालों को शपथ दिलाई। दीक्षांत समारोह में 490 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। इसमें 114 छात्राएं और 22 पीएचडी उपाधि धारक शामिल हैं।
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दीक्षांत में मेडल पाने वाले मेधावी
0 बीटेक आईटी
स्वर्ण- स्वप्रिल सक्सेना, रजत- दीक्षांत गुप्ता, कांस्य- ओजुस्विनी अग्रवाल
0 बीटेक इलेक्ट्रानिक्स कम्युनिकेशन इंजी.
स्वर्ण- अपूर्व अग्रवाल, रजत- हिमांशु, कास्य- कृति वैश्य
0 एमबीए आईटी
स्वर्ण आयुषी तिवारी, रजत- आकृति गुप्ता, कास्य- आयुष तिवारी
0 एमटेक बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
स्वर्ण- मेहुल अग्रवाल, रजत- कार्निका सिंह, कांस्य- जूही जायसवाल
0 एमटेक आईटी
स्वर्ण- पूजा श्रीवास्तव, रजत- दीक्षा अग्रवाल, कांस्य- गायत्री आर
0 एमटेक ईई
स्वर्ण- पटेल निकुंज कुमार, रजत- दीपिका गौड़, कांस्य- प्रितेश कुमार यादव
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सिविल सेवा में जाना है लक्ष्य: अपूर्व अग्रवाल
बीटेक इलेक्ट्रानिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल के साथ उपाधि पाने वाले अपूर्व अग्रवाल ने सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बताया है। वह ट्रिपलआईटी से बीटेक पूरा करने के बाद वर्तमान में साफ्टवेयर कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। अपूर्व मूलत: इलाहाबाद के ही रहने वाले हैं उन्होंने स्कूली शिक्षा बीएचएस से पूरी की है।

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देश के लिए कुछ कर सकें महत्वपूर्ण: मेहुल अग्रवाल
दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक पाकर चहक रहीं एमटेक बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की मेहुल अग्रवाल मिशाइलमैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और रतन टाटा को अपना रोल मॉडल मानती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विभूतियों ने सादा जीवन और उच्च विचार की परंपरा को कायम रखा है। इस मेधावी छात्रा ने कहा कि उनका लक्ष्य देश के लिए कुछ करने की है।
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