खुलासा : महीने भर में ही खाते में जमा करा लिए थे 15 लाख, सरगना ने भी बैंक में फर्जी आईडी का किया इस्तेमाल
जांच पड़ताल में यह भी बात सामने आई है कि इस खाते में पिछले एक महीने के भीतर ही 15 लाख रुपये जमा कराए गए थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह छात्रों व उनके परिजनों से नंबर बढ़वाने के नाम पर इसी खाते में रुपये जमा कराते थे। ऐसे में पुलिस का मानना है कि यह रकम छात्रों व अभिभावकों से ही ऐंठी गई है।
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सीबीएसई, नीट समेत अन्य परीक्षाओं में नंबर बढ़वाने के नाम पर ठगी के मामले में अहम खुलासा हुआ है। इस गिरोह ने महीने भर में ही 15 लाख रुपये अपने सिविल लाइंस स्थित खाते में जमा करा लिए थे। इसके अलावा पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि फरार सरगना ने भी बैंक में फर्जी आईडी लगाकर एक खाता खोला था।
यह जानकारियां मिलने के बाद पुलिस सरगना की तलाश में जुटी है। बता दें कि एक दिन पहले पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों सरफराज अहमद और मो. सईद निवासी नीमसराय को गिरफ्तार किया था। जबकि सरगना मो. शमीम उर्फ शम्मू फरार हो गया। पुलिस को पूछताछ में पता चला था कि सरफराज ने अजय मिश्रा के नाम से उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक की सिविल लाइंस शाखा में खाता खोला था।
जांच पड़ताल में यह भी बात सामने आई है कि इस खाते में पिछले एक महीने के भीतर ही 15 लाख रुपये जमा कराए गए थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि वह छात्रों व उनके परिजनों से नंबर बढ़वाने के नाम पर इसी खाते में रुपये जमा कराते थे। ऐसे में पुलिस का मानना है कि यह रकम छात्रों व अभिभावकों से ही ऐंठी गई है।
सूत्राें के मुताबिक पूछताछ में सरगना के भाई मो. सईद ने बताया कि उसके भाई शमीम ने भी फर्जी नाम-पते से एक खाता खोला था। इस खाते का इस्तेमाल भी छात्रों व उनके परिजनों से रकम ऐंठने के लिए किया जाता था। फिलहाल खाते के बारे में वह ज्यादा विवरण नहीं दे सका है। पुलिस का मानना है कि इस बारे में पूरी जानकारी शमीम के पकड़े जाने के बाद ही मिलेगी। डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि सरगना की तलाश की जा रही है।
सैन्य इंटेलिजेंस ने भी की पूछताछ
उधर जेल भेजे जाने से पहले गिरफ्तार दोनों आरोपियों से सैन्य इंटेलिजेंस की टीम ने भी पूछताछ की। दोनों से सरगना के बारे में भी जानकारी ली। इसके अलावा राजस्थान के भीलवाड़ा में दर्ज मुकदमे के संबंध में भी जानकारी हासिल की। उधर, धूमनगंज पुलिस की ओर से राजस्थान पुलिस को भी आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में सूचना दे दी गई है। माना जा रहा है कि राजस्थान पुलिस भी जल्द ही बी वारंट बनवाकर शहर आ सकती है।