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आईएएस दावेदारों को निखारेगा एमएनएनआईटी
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:13 AM IST
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आईएएस के दावेदारों को निखारेगा एमएनएनआईटी
- बीटेक छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा के साथ कैंपस प्लेसमेंट में मदद की पहल
डॉ. अखिलेश मिश्र
इलाहाबाद।
सिविल सेवा परीक्षा में हाल के वर्षों में लगातार अच्छी मेरिट के साथ सफलता के बाद मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) प्रशासन इस दिशा में छात्रों की मदद के लिए आगे आया है। सिविल सेवा क्षेत्र में छात्रों के रूझान को देखते हुए संस्थान की ओर से बीटेक के छात्रों को करियर अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित कर रहा है।
सिविल सेवा परीक्षा में हाल 2014 से 2016 के बीच मात्र तीन वर्षों में एमएनएनआईटी से पास हुए 23 छात्रों का चयन हुआ, इसके बाद छात्रों का इस परीक्षा को लेकर रूझान बढ़ा है। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने छात्रों को सिविल सेवा के क्षेत्र में हर संभव मदद करने का फैसला किया। उनका कहना है कि संस्थान का पहला लक्ष्य तो देश को अच्छे इंजीनियर देना है परंतु छात्रों का रूझान सिविल सेवा की ओर देखते हुए उनके लिए माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार विषय विशेषज्ञों एवं पुराछात्रों की मदद से प्रशिक्षित किया जाएगा।
सीसैट लागू होने के बाद इंजीनियरिंग के छात्रों की सफलता दर बढ़ी
एमएनएनआईटी के प्लेसमेंट सेल के डॉ. तनुज नंदन का कहना है कि बीते कुछ वर्षो में सिविल सेवा परीक्षा में इंजीनियरिंग के छात्रों का सफलता का ग्राफ बढ़ा है। सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट का पैटर्न लागू होने के बाद इंजीनियरिंग बैक ग्राउंड के छात्रों को अधिक सफलता मिल रही है।
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- बीटेक छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा के साथ कैंपस प्लेसमेंट में मदद की पहल
डॉ. अखिलेश मिश्र
इलाहाबाद।
सिविल सेवा परीक्षा में हाल के वर्षों में लगातार अच्छी मेरिट के साथ सफलता के बाद मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) प्रशासन इस दिशा में छात्रों की मदद के लिए आगे आया है। सिविल सेवा क्षेत्र में छात्रों के रूझान को देखते हुए संस्थान की ओर से बीटेक के छात्रों को करियर अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित कर रहा है।
सिविल सेवा परीक्षा में हाल 2014 से 2016 के बीच मात्र तीन वर्षों में एमएनएनआईटी से पास हुए 23 छात्रों का चयन हुआ, इसके बाद छात्रों का इस परीक्षा को लेकर रूझान बढ़ा है। संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने छात्रों को सिविल सेवा के क्षेत्र में हर संभव मदद करने का फैसला किया। उनका कहना है कि संस्थान का पहला लक्ष्य तो देश को अच्छे इंजीनियर देना है परंतु छात्रों का रूझान सिविल सेवा की ओर देखते हुए उनके लिए माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार विषय विशेषज्ञों एवं पुराछात्रों की मदद से प्रशिक्षित किया जाएगा।
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सीसैट लागू होने के बाद इंजीनियरिंग के छात्रों की सफलता दर बढ़ी
एमएनएनआईटी के प्लेसमेंट सेल के डॉ. तनुज नंदन का कहना है कि बीते कुछ वर्षो में सिविल सेवा परीक्षा में इंजीनियरिंग के छात्रों का सफलता का ग्राफ बढ़ा है। सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सीसैट का पैटर्न लागू होने के बाद इंजीनियरिंग बैक ग्राउंड के छात्रों को अधिक सफलता मिल रही है।
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