{"_id":"6591d4f12a571c8f2b055f30","slug":"14-out-of-20-elected-members-of-kp-trust-refuse-to-take-charge-allahabad-news-c-358-1-pr11005-5481-2024-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: केपी ट्रस्ट के 20 निर्वाचित सदस्यों में से 14 का कार्यभार ग्रहण से इन्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: केपी ट्रस्ट के 20 निर्वाचित सदस्यों में से 14 का कार्यभार ग्रहण से इन्कार
Mon, 01 Jan 2024 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 01 Jan 2024 02:24 AM IST
विज्ञापन
एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के 20 में से 14 सदस्यों ने कार्यभार ग्रहण करने से इन्कार कर दिया है। रविवार को ट्रस्ट के चुने हुए कई सदस्यों ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि नए सिरे से मतगणना कराई जानी चाहिए। इससे पहले कार्यकारिणी सदस्यों के हंगामे से नाराज होकर चुनाव अधिकारी पीके सक्सेना इस्तीफा दे चुके हैं।
रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में निर्वाचित कई सदस्यों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। पत्रकारों से बातचीत में उनका कहना था कि बीते 25 दिसंबर को ट्रस्ट के अध्यक्ष और कार्यकारिणी के सदस्यों का चुनाव कराया गया था। 26 दिसंबर को अध्यक्ष पद के मतों की गणना की गई। अध्यक्ष पद वाली मतपेटी में सदस्यों को डाले गए मतों की पर्चियां निकलीं, जिनको गणना से बाहर से कर दिया। ऐसा ही सदस्यों की मतपेटी में भी देखने को मिला, उसमें अध्यक्ष पद के मत की पर्चियां निकलीं और उन्हें भी गणना से बाहर कर दिया गया।
जिन मतों को गणना से बाहर कर दिया गया है, उनकी संख्या 148 है। सदस्यों ने इस्तीफा दे चुके निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार पर बैक डेट में सदस्यों का प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप भी लगाया। विरोध जताने वाले सदस्यों में अभिषेक श्रीवास्तव, अमिता श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव, अनीता श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, अल्पना श्रीवास्तव, संचित निधि श्रीवास्तव, पवन शंकर श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश, प्रशांत श्रीवास्तव, अजीत श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव और अखिलेश सरन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में निर्वाचित कई सदस्यों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। पत्रकारों से बातचीत में उनका कहना था कि बीते 25 दिसंबर को ट्रस्ट के अध्यक्ष और कार्यकारिणी के सदस्यों का चुनाव कराया गया था। 26 दिसंबर को अध्यक्ष पद के मतों की गणना की गई। अध्यक्ष पद वाली मतपेटी में सदस्यों को डाले गए मतों की पर्चियां निकलीं, जिनको गणना से बाहर से कर दिया। ऐसा ही सदस्यों की मतपेटी में भी देखने को मिला, उसमें अध्यक्ष पद के मत की पर्चियां निकलीं और उन्हें भी गणना से बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन
जिन मतों को गणना से बाहर कर दिया गया है, उनकी संख्या 148 है। सदस्यों ने इस्तीफा दे चुके निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार पर बैक डेट में सदस्यों का प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप भी लगाया। विरोध जताने वाले सदस्यों में अभिषेक श्रीवास्तव, अमिता श्रीवास्तव, श्वेता श्रीवास्तव, अनीता श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव, अल्पना श्रीवास्तव, संचित निधि श्रीवास्तव, पवन शंकर श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश, प्रशांत श्रीवास्तव, अजीत श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव और अखिलेश सरन हैं।
विज्ञापन