प्रयागराज से 137 छात्र-छात्रा भेजे गए मध्य प्रदेश
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यहां आकर पढ़ाई करने वाले दूसरे राज्य के छात्र-छात्राओं को भी उनके गृह जनपद भेजे जाने की कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के 137 विद्यार्थियों को उनके घर भेजा गया। रवानगी शाम को एंग्लो बंगाली इंटर कालेज परिसर से हुई।
प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में बाहर से आकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को उनके घर भेजने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में पहले उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के करीब 16 हजार विद्यार्थियों को गृह जनपद भेजा गया। इसके बाद शुक्रवार को मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों को भेजा गया। घर जाने के इच्छुक विद्यार्थियों को कंट्रोल रूम में फोन करके नाम, पता आदि डिटेल नोट कराने के लिए कहा गया था। फिर सभी को एंग्लो बंगाली में एकत्रित किया गया। वहां से उन्हें मध्य प्रदेश भेजा गया।
इनके अलावा यहां फंसे मध्य प्रदेश के श्रमिकों को भी उनके गृह जनपद भेजा गया। यहां 30 जिलाें का केंद्र बनाया गया था। इन जिलाें के 600 से अधिक मजदूर बृहस्पतिवार को ही यहां आ गए थे। इन्हें मध्य प्रदेश भेजने की प्रक्रिया रात में ही शुरू हो गई थी। जो रह गए थे उन्हें शुक्रवार सुबह भेजा गया। इसी तरह मध्य प्रदेश में फंसे श्रमिक भी यहां लाए गए। सीएवी इंटर कालेज परिसर को प्रदेश के 32 जिलों का केंद्र बनाया गया था। इन जिलों के 1450 श्रमिकों को मध्य प्रदेश परिवहन की बसों से यहां लाया गया। बृहस्पतिवार रात में ही उन्हें अपने-अपने गृह जनपद भेजने का क्रम भी शुरू हो गया था। शेष को शुक्रवार की सुबह भेजा गया।
घर वापसी के लिए बढ़ा दबाव, महाराष्ट्र के सबसे अधिक फोन
सरकार की घोषणा के बाद घर वापसी के लिए दबाव बढ़ गया है। गौर करने वाली बात यह है कि यहां कोरोना के जो भी पॉजिटिव मामले आए हैं उनमें ज्यादातर का महाराष्ट्र से संबंध है और घर वापसी के लिए सबसे अधिक फोन भी वहीं से आ रहे हैं। कंट्रोल रूम में लगातार फोन आ रहे हैं कि उन्हें अपने गृह जनपद बुलाए जाने की क्या व्यवस्था है। इनमें ज्यादातर फोन महाराष्ट्र, चंडीगढ़, गुजरात में फंसे लोेग आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
नए उद्योगों पर जोर, ताकि यहीं मिले रोजगार
जिले में रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार का स्वरोजगार तथा उद्योग की योजनाओं पर जोर है। इसी के तहत मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण के इच्छुक युवाओं से 10 मई तक आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन विभाग के पोर्टल http://diupmsme.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन करना है। सभी आवश्यक दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। उपायुक्त उद्योग अजय चौरसिया ने बताया कि उनके कार्यालय के पटल सहायक के मोबाइल नंबर 7007424114 पर संपर्क करके अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपायुक्त ने बताया कि दूसरे प्रदेश में फंसे श्रमिकों को लाया जा रहा है। इन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध हो सके इसलिए इन योजनाओं के विस्तार की योजना बनाई गई है।
दायित्व का निर्वहन करें और सुरक्षित भी रहें अफसर-कर्मचारी
मंडलायुक्त आर.रमेश कुमार ने शुक्रवार को कोरोना के मद्देनजर गठित मंडलीय कमेटी की बैठक ली। उन्होंने मंडल स्तर पर प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम बनाने का निर्देश दिया। इनकी कोटवा के एल-1 अस्पताल में 15-15 दिन के अंतराल पर ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना से संबंधित अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने इसके अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों के इलाज, गर्भवती महिलाओं की समुचित देखभाल आदि संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।मंडलायुक्त तथा बैठक में मौजूद आईजी केपी सिंह ने कहा कि अफसर और कर्मचारी खुद को सुरक्षित रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मंडलायुक्त ने गेहूं खरीद की धीमी गति पर चिंता जताई और इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त मंडल में संचालित कुल 249 पशु आश्रय स्थलों की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने बंदरों, कुत्तों के लिए भी भोजन, पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने खरीफ फसलों की खेती, पानी, बिजली, श्रमिकाें को एक हजार रुपये की दूसरी किस्त दिए जाने, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने, आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने, सैनिटाइजेशन आदि की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन भगवान शरण, जेडीसी शिव कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।