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20 बीघे जमीन को फर्जी तरीके सात लोगों ने कराया अपने नाम
Updated Sat, 30 Jun 2018 07:12 PM IST
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बाघराय। सात लोगों ने सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम करा लिया। इसके बाद काफी दिनों से उस पर खेती कर रहे थे। हाल ही में गांव के एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत तहसील में की तो इस मामले का खुलासा हुआ। जांच में कुछ अभिलेख गड़बड़ पाए गए। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची और स्थलीय निरीक्षण किया।
तहसील के विहार क्षेत्र के सिया गांव में भू-माफियाओं ने 1992 में फर्जी तरीके से लगभग बीस बीघे जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। मामला तब प्रकाश मे आया जब गांव के ओमप्रकाश दुबे ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी ने एसडीएम कुंडा को टीम बनाकर इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया। कागजी जांच के बाद शनिवार को नायब तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला के नेतृत्व में भूलेख निरीक्षक यमुनाप्रसाद, रामकुमार व लेखपाल सुशील यादव पहुंचे। इसके बाद पूरे गांव में घूमकर उन जमीन के नंबरों का मिलान किया, जिसे लोगों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करा लिया था। इसमें गाटा संख्या 301, 1393, 135, 2230, 2258, 2215 शामिल हैं। इन नंबरों में जियालाल, राम अभिलाष, शांति देवी व हंसराज के परिजन निवासी सिया व अवतारपुर गांव के निवासी मनीराम शिवनाथ रवींद्र व धीरेंद्र के नाम दर्ज हैं। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जमीन को लेकर हमेशा फर्जीवाड़े की खबरें आती हैं। तमाम लोग खाली पड़ी जमीनों को फर्जी तरीके से अपने नाम करवाकर कब्जा करना चाहते हैं। तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला का कहना है कि जमीन पर किसी का कब्जा नहीं है। जो शिकायत मिली है, उसकी जांच की जा रही है। शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया गया। पुराने अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
तहसील के विहार क्षेत्र के सिया गांव में भू-माफियाओं ने 1992 में फर्जी तरीके से लगभग बीस बीघे जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। मामला तब प्रकाश मे आया जब गांव के ओमप्रकाश दुबे ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी ने एसडीएम कुंडा को टीम बनाकर इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया। कागजी जांच के बाद शनिवार को नायब तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला के नेतृत्व में भूलेख निरीक्षक यमुनाप्रसाद, रामकुमार व लेखपाल सुशील यादव पहुंचे। इसके बाद पूरे गांव में घूमकर उन जमीन के नंबरों का मिलान किया, जिसे लोगों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करा लिया था। इसमें गाटा संख्या 301, 1393, 135, 2230, 2258, 2215 शामिल हैं। इन नंबरों में जियालाल, राम अभिलाष, शांति देवी व हंसराज के परिजन निवासी सिया व अवतारपुर गांव के निवासी मनीराम शिवनाथ रवींद्र व धीरेंद्र के नाम दर्ज हैं। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जमीन को लेकर हमेशा फर्जीवाड़े की खबरें आती हैं। तमाम लोग खाली पड़ी जमीनों को फर्जी तरीके से अपने नाम करवाकर कब्जा करना चाहते हैं। तहसीलदार बृजमोहन शुक्ला का कहना है कि जमीन पर किसी का कब्जा नहीं है। जो शिकायत मिली है, उसकी जांच की जा रही है। शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया गया। पुराने अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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