{"_id":"5989d0834f1c1b5e788b477b","slug":"131502204035-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा डीएम काऱ् में तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा डीएम काऱ् में तलब
Updated Tue, 08 Aug 2017 08:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा के विशेष ध्यानार्थ
00000000
यमुना में बढ़ते प्रदूषण पर डीएम मथुरा कोर्ट में तलब
प्रदूषण के कारण यमुना में मर रही हैं मछलियां
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
यमुना में स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से प्रदूषण बढ़ने की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मथुरा के डीएम को तलब किया है। उनको 28 अगस्त को कार्यवाही रिपोर्ट के साथ उपस्थित होेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने डीएम को इस मामले में जवाब दाखिल करने का कई बार निर्देश दिया मगर कोई जवाब नहीं आया तो कोर्ट ने उनको तलब कर लिया है।
यमुना सेवा संस्थान की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने डीएम ने यमुना की रंगीन फोटो भी मांगी है। याचिका में कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन और स्थानीय निकाय के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यमुना का जल अत्याधिक प्रदूषित हो गया है। पानी नहाने योग्य नहीं है और इसमें मछलियां और दूसरे जलीय जीव भी जीवित नहीं रह पा रहे हैं। यमुना नहाने वाले बीमार हो जा रहे हैं। इससे पूर्व कोर्ट डीएम को दो बार जवाब दाखिल करने का समय दे चुकी है। मंगलवार को भी सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने और समय की मांग की जिस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने डीएम को तलब कर लिया है।
विज्ञापन
00000000
यमुना में बढ़ते प्रदूषण पर डीएम मथुरा कोर्ट में तलब
प्रदूषण के कारण यमुना में मर रही हैं मछलियां
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
यमुना में स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से प्रदूषण बढ़ने की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मथुरा के डीएम को तलब किया है। उनको 28 अगस्त को कार्यवाही रिपोर्ट के साथ उपस्थित होेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने डीएम को इस मामले में जवाब दाखिल करने का कई बार निर्देश दिया मगर कोई जवाब नहीं आया तो कोर्ट ने उनको तलब कर लिया है।
यमुना सेवा संस्थान की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने डीएम ने यमुना की रंगीन फोटो भी मांगी है। याचिका में कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन और स्थानीय निकाय के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यमुना का जल अत्याधिक प्रदूषित हो गया है। पानी नहाने योग्य नहीं है और इसमें मछलियां और दूसरे जलीय जीव भी जीवित नहीं रह पा रहे हैं। यमुना नहाने वाले बीमार हो जा रहे हैं। इससे पूर्व कोर्ट डीएम को दो बार जवाब दाखिल करने का समय दे चुकी है। मंगलवार को भी सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने और समय की मांग की जिस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने डीएम को तलब कर लिया है।
विज्ञापन