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नहीं शुरू हुआ जाति, आय प्रमाण पत्रों का सत्यापन + लेखपाल हड़ताल पर पैकेज
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:08 AM IST
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नहीं बन रहे जाति-निवास प्रमाण पत्र, छात्रों का बढ़ा दर्द
0 मुख्य सचिव का आदेश लेकिन अभी वीडीओ नहीं जारी कर रहे सर्टिफिकेट
0 राजस्व निरीक्षक संघ ने भी सर्टिफिकेट जारी कर पाने में जताई असमर्थता
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। लेखपालों की हड़ताल की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। सबसे ज्यादा मुसीबत जाति, आय और निवास प्रमाण नहीं बनने से है। मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर दिया है लेकिन ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमाण पत्र नहीं बना रहे। राजस्व निरीक्षक संघ ने भी प्रमाण पत्र जारी करने में असमर्थता जताई है। संघ की ओर से राजस्व परिषद के अध्यक्ष को इस बाबत पत्र लिखा गया है। इससे विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश की कतार में खड़े छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में है।
आठ सूत्रीय मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत लेखपाल 26 जून से जाति, आय और निवास प्रमाण जारी नहीं कर रहे। तीन जुलाई से वे हड़ताल पर चले गए हैं। इसकी वजह 15 हजार से अधिक आवेदन फंस गए हैं। लेखपालों की हड़ताल को अवैध घोषित करने के साथ मुख्य सचिव ने आदेश दिया है कि इन प्रमाण पत्रों को जारी करने का अधिकार राजस्व निरीक्षकों तथा ग्राम विकास एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को दिया जाता है। विभिन्न पाठ्यक्रमों में शुरू दाखिले को देखते हुए उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि छात्र-छात्राओं के जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र एक सप्ताह में जारी किए जाएं। इसके परिप्रेक्ष्य में डीएम की ओर से भी दो दिन पहले नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया लेकिन सात दिन में प्रमाण पत्र बनना तो दूर अभी आदेश का पालन भी शुरू नहीं हो पाया है। ग्राम विकास तथा ग्राम पंचायत अधिकारियों का कहना है कि अभी ब्लाक पर मुख्य सचिव के आदेश की कॉपी ही नहीं पहुंची है। वहीं राजस्व निरीक्षक संघ की ओर से परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर प्रमाण पत्रों के सत्यापन कार्य कर पाने में असमर्थता जताई गई है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक राजस्व निरीक्षक के क्षेत्र 100 से 150 गांव हैं। ऐसे में क्षेत्र के सभी लोगों के बारे में जान पाना मुश्किल है। इसलिए प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गलती की आशंका बनी रहेगी।
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वीडीओ नहीं बनाएंगे आय प्रमाण पत्र
0 ग्राम विकास अधिकारियों ने आय प्रमाण पत्र बनाने से इंकार कर दिया है। ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि कृषि संबधित आंकड़े उनके पास नहीं होते। इसलिए आय प्रमाण पत्र बनवाने में गलती हो जाएगी। इससे राजस्व की भी हानि होगी। ऐसे में आय प्रमाण पत्र जारी करने की गुंजाइश ही नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास ग्रामिणों का पारिवारिक रजिस्टर होता है। इसलिए जाति तथा निवास प्रमाण पत्र वे बना सकते हैं लेकिन अभी मुख्य सचिव तथा डीएम का आदेश ब्लाक तक नहीं पहुंचा है। आदेश की प्रति पहुंचने के बाद प्रमाण पत्रों के सत्यापन कार्य की बाबत निर्णय लिया जाएगा।
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प्रदेश महामंत्री के निलंबन से लेखपालों में नाराजगी, हड़ताल जारी
0 संग्रह अमीन संघ समेत कई कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन का किया समर्थन
इलाहाबाद। एस्मा लगने तथा सरकार की ओर से लगातार दबाव बनाए जाने के बावजूद लेखपालों की हड़ताल बुधवार को जारी रही। प्रदेश महामंत्री के निलंबन से उनकी नाराजगी और बढ़ गई है। लेखपाल संघ के जिला मंत्री राजकुमार सागर ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संघ के बैनर तले कलेक्ट्रेट में जुटे लेखपालों ने कार्रवाई तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है।
लेखपालों के समर्थन में कई अन्य संगठन भी आ गए हैं। इससे आंदोलन और विस्तार लेने लगा है। संग्रह अमीन संघ ने लेखपालों की मांग और आंदोलन का समर्थन किया है। अमीनों ने लेखपालों के निर्धारित काम करने से भी इंकार कर दिया है। संघ की ओर से इस आशय का पत्र शासन को भेज दिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। एटक के पदाधिकारियों ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपाल संघ बृहस्पतिवार को अधिवक्ता संघ को भी समर्थन का पत्र सौंपेगा। अधिवक्ताओं के समर्थन से आंदोलन और तीव्र होगा। कलेक्ट्रेट में आयोजित धरना-प्रदर्शन में अवनीश पांडेय, राकेश यादव, वैशाली, अनूप द्विवेदी, लालजी पाठक आदि शामिल रहे।
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0 मुख्य सचिव का आदेश लेकिन अभी वीडीओ नहीं जारी कर रहे सर्टिफिकेट
0 राजस्व निरीक्षक संघ ने भी सर्टिफिकेट जारी कर पाने में जताई असमर्थता
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। लेखपालों की हड़ताल की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। सबसे ज्यादा मुसीबत जाति, आय और निवास प्रमाण नहीं बनने से है। मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर दिया है लेकिन ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमाण पत्र नहीं बना रहे। राजस्व निरीक्षक संघ ने भी प्रमाण पत्र जारी करने में असमर्थता जताई है। संघ की ओर से राजस्व परिषद के अध्यक्ष को इस बाबत पत्र लिखा गया है। इससे विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश की कतार में खड़े छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में है।
आठ सूत्रीय मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत लेखपाल 26 जून से जाति, आय और निवास प्रमाण जारी नहीं कर रहे। तीन जुलाई से वे हड़ताल पर चले गए हैं। इसकी वजह 15 हजार से अधिक आवेदन फंस गए हैं। लेखपालों की हड़ताल को अवैध घोषित करने के साथ मुख्य सचिव ने आदेश दिया है कि इन प्रमाण पत्रों को जारी करने का अधिकार राजस्व निरीक्षकों तथा ग्राम विकास एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को दिया जाता है। विभिन्न पाठ्यक्रमों में शुरू दाखिले को देखते हुए उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि छात्र-छात्राओं के जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र एक सप्ताह में जारी किए जाएं। इसके परिप्रेक्ष्य में डीएम की ओर से भी दो दिन पहले नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया लेकिन सात दिन में प्रमाण पत्र बनना तो दूर अभी आदेश का पालन भी शुरू नहीं हो पाया है। ग्राम विकास तथा ग्राम पंचायत अधिकारियों का कहना है कि अभी ब्लाक पर मुख्य सचिव के आदेश की कॉपी ही नहीं पहुंची है। वहीं राजस्व निरीक्षक संघ की ओर से परिषद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर प्रमाण पत्रों के सत्यापन कार्य कर पाने में असमर्थता जताई गई है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक राजस्व निरीक्षक के क्षेत्र 100 से 150 गांव हैं। ऐसे में क्षेत्र के सभी लोगों के बारे में जान पाना मुश्किल है। इसलिए प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गलती की आशंका बनी रहेगी।
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वीडीओ नहीं बनाएंगे आय प्रमाण पत्र
0 ग्राम विकास अधिकारियों ने आय प्रमाण पत्र बनाने से इंकार कर दिया है। ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि कृषि संबधित आंकड़े उनके पास नहीं होते। इसलिए आय प्रमाण पत्र बनवाने में गलती हो जाएगी। इससे राजस्व की भी हानि होगी। ऐसे में आय प्रमाण पत्र जारी करने की गुंजाइश ही नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास ग्रामिणों का पारिवारिक रजिस्टर होता है। इसलिए जाति तथा निवास प्रमाण पत्र वे बना सकते हैं लेकिन अभी मुख्य सचिव तथा डीएम का आदेश ब्लाक तक नहीं पहुंचा है। आदेश की प्रति पहुंचने के बाद प्रमाण पत्रों के सत्यापन कार्य की बाबत निर्णय लिया जाएगा।
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प्रदेश महामंत्री के निलंबन से लेखपालों में नाराजगी, हड़ताल जारी
0 संग्रह अमीन संघ समेत कई कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन का किया समर्थन
इलाहाबाद। एस्मा लगने तथा सरकार की ओर से लगातार दबाव बनाए जाने के बावजूद लेखपालों की हड़ताल बुधवार को जारी रही। प्रदेश महामंत्री के निलंबन से उनकी नाराजगी और बढ़ गई है। लेखपाल संघ के जिला मंत्री राजकुमार सागर ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संघ के बैनर तले कलेक्ट्रेट में जुटे लेखपालों ने कार्रवाई तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है।
लेखपालों के समर्थन में कई अन्य संगठन भी आ गए हैं। इससे आंदोलन और विस्तार लेने लगा है। संग्रह अमीन संघ ने लेखपालों की मांग और आंदोलन का समर्थन किया है। अमीनों ने लेखपालों के निर्धारित काम करने से भी इंकार कर दिया है। संघ की ओर से इस आशय का पत्र शासन को भेज दिया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। एटक के पदाधिकारियों ने भी कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपाल संघ बृहस्पतिवार को अधिवक्ता संघ को भी समर्थन का पत्र सौंपेगा। अधिवक्ताओं के समर्थन से आंदोलन और तीव्र होगा। कलेक्ट्रेट में आयोजित धरना-प्रदर्शन में अवनीश पांडेय, राकेश यादव, वैशाली, अनूप द्विवेदी, लालजी पाठक आदि शामिल रहे।