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व्यवहारिक दिक्कतों ने जीएसटी को बनाया दुष्कर

Sun, 10 Sep 2017 08:31 PM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 08:31 PM IST
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व्यवहारिक दिक्कतों ने जीएसटी को बनाया दुष्कर
व्यवहारिक दिक्कतों ने जीएसटी को बनाया दुष्कर
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0 कैट की बैठक में जीएसटी से बने हालात पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की बैठक में जीएसटी से बने हालात पर चर्चा हुई। कहा गया कि जुलाई माह कर की दरों और खातों के रखरखाव को समझने में निकल गया। अगस्त और उसके बाद सितंबर रिटर्न की उलझनों में गुजर रहा है। सरकार ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की तिथि भले बढ़ा दी, लेकिन व्यवहारिक दिक्कतों ने इसे दुष्कर बना दिया है।

सिविल लाइंस स्थित एक रेस्टोरेंट में रविवार को हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि कैट के प्रयास से ही जीएसटी काउंसिल ने जीएसटीआर दाखिल करने की तिथि में बढ़ोतरी की। साथ ही जीएसटी पोर्टल की तकनीकी खामियों पर नजर रखने के लिए कमेटी की घोषणा की। बैठक में मौजूद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसर शैलेंद्र सिंह एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीएल यादव ने कहा कि खाद्य वस्तु का व्यापार करने वाले विभाग से लाइसेंस जरूर ले लें। अफसरों ने कहा कि विभाग अभी सर्वे कर रहा है। इसके बाद लाइसेंस न होने पर नोटिस दिया जाएगा। बैठक में डॉ.बीबी अग्रवाल को कैट इलाहाबाद का संरक्षक नियुक्ति किया गया। संचालन मनोज अग्रवाल तथा धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय गुप्ता ने किया। इसमें विभु अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, आशुतोष गोयल, अजय अग्रवाल, मनीष शुक्ला, अजय गुप्ता, अमित कुमार, राजेश अग्रवाल, संजय केसरवानी, अशोक ब्रिटानिया, अभिषेक अग्रवाल आदि मौजूद थे।
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