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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   10 years imprisonment to supply inspector of Pratapgarh accused of Harassment case

सजा : दुष्कर्म के आरोपी प्रतापगढ़ के आपूर्ति निरीक्षक को 10 साल की कैद, फिटनेस सेंटर संचालिका ने दर्ज कराया था केस

Sun, 26 Sep 2021 08:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 26 Sep 2021 08:33 PM IST
सार

अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला, एक लाख, पांच हजार रुपये का लगाया जुर्माना, 80 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश।

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10 years imprisonment to supply inspector of Pratapgarh accused of Harassment case
अदालत ने सुनाई सजा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीन साल पहले हुए बलात्कार के मामले में आरोपी को 10 साल की कैद और एक लाख, पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर दोषी को छह महीने की कैद और काटनी पड़ेगी। कोर्ट ने जुर्माने की रकम में 80 हजार रुपये पीड़िता को बतौर हर्जाना देने का आदेश दिया है। 
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 मामला जार्जटाउन थाने का है। पीड़िता फिटनेस सेंटर का संचालन कर रही थी। उसका आरोप है कि प्रतापगढ़ में आपूर्ति निरीक्षक के पद पर तैनात प्रदीप सिंह एक दिन उसके पास आया और ट्रेनिंग सेंटर ज्वाइन करने की बात कही। फिर वह लगातार ट्रेनिंग सेंटर आने लगा और अकेले में बात करने का दबाव बनाने लगा। उसने चेतावनी दी तो आरोपी ने माफी मांग ली। उसके बाद आरोपी ने कहा कि उसके घरवाले उसकी शादी करना चाहते हैं।
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मां बीमार हैं, महिला होने के नाते वह चलकर घरवालों को समझा दें लेकिन पीड़िता ने मना कर दिया। आरोपी के बहुत कहने सुनने पर पीड़िता उसके घर गई तो देखा की मां नहीं है। तब आरोपी ने जबरन उसके साथ बलात्कार किया। वीडियो क्लिप दिखाकर डरा-धमकाकर कई बार ऐसा किया। इस दौरान वह गर्भवती हो गई। आरोपी पीड़िता पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। पीड़िता के न मानने पर उसे मारा-पीटा।
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इस पर पीड़िता ने 2018 में आरोपी प्रदीप के खिलाफ जार्जटाउन थाने में आईपीसी की धारा 376, 323 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता मृत्युंजय त्रिपाठी ने पैरवी की। जिसके बाद अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को 10 साल की कैद और एक लाख, पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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