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Aligarh: सपा नेता चौधरी बिजेंद्र सिंह का तंज, 'योगी का लोकार्पण नई बोतल में पुरानी शराब'
Mon, 17 Oct 2022 01:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 01:51 AM IST
सार
सपा के पूर्व सांसद ने योगी के साढ़े चार अरब की योजनाओं का लोकार्पण को नई बोतल में पुरानी शराब बताया है।
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मैरिस रोड़ स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद विजेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व सांसद व सपा के वरिष्ठ नेता चौधरी बिजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साढ़े चार अरब की योजनाओं का लोकार्पण को नई बोतल में पुरानी शराब बताया है। रविवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा कि योगी जी में यदि नैतिकता है तो जनता की अदालत में उनके प्रश्नों का जवाब दें।
वे बताएं कि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूजी कल्याण सिंह अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास पर लखनऊ में चिल्ला-चिल्लाकर कहते रहे कि मैं मंदिर में पांच ईंट लगाना चाहता हूं, तब उन्हें प्रधानमंत्री ने क्यों नहीं बुलाया और अब हैबिटेट सेंटर के मात्र नाम से उनकी आत्माओं को और शुभचिंतकों को क्या सम्मान और शांति मिलेगी, जिस स्थान पर पांच-छह साल पूर्व गंदे नाले का तालाब था, बाबूजी ने 35 साल पहले ये योजना कैसे बना दी?
उन्होंने कहा कि साथा चीनी मिल की नई यूनिट लगाने के लिए पैसे की कमी नहीं थी तो छह वर्ष के कार्यकाल में शिलान्यास क्यों नहीं किया गया। 37 लाख युवाओं ने पहले पीईटी की परीक्षा देकर भी अपनी आत्माओं में बेरोजगारी का दर्द झेला है। किसानों की बर्बादी पर मुआवजे के लिए कुछ नहीं बोले। पत्रकार वार्ता में नासिर गाजी, मिर्जा फुरकान बेग मौजूद रहे।
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वे बताएं कि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूजी कल्याण सिंह अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास पर लखनऊ में चिल्ला-चिल्लाकर कहते रहे कि मैं मंदिर में पांच ईंट लगाना चाहता हूं, तब उन्हें प्रधानमंत्री ने क्यों नहीं बुलाया और अब हैबिटेट सेंटर के मात्र नाम से उनकी आत्माओं को और शुभचिंतकों को क्या सम्मान और शांति मिलेगी, जिस स्थान पर पांच-छह साल पूर्व गंदे नाले का तालाब था, बाबूजी ने 35 साल पहले ये योजना कैसे बना दी?
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उन्होंने कहा कि साथा चीनी मिल की नई यूनिट लगाने के लिए पैसे की कमी नहीं थी तो छह वर्ष के कार्यकाल में शिलान्यास क्यों नहीं किया गया। 37 लाख युवाओं ने पहले पीईटी की परीक्षा देकर भी अपनी आत्माओं में बेरोजगारी का दर्द झेला है। किसानों की बर्बादी पर मुआवजे के लिए कुछ नहीं बोले। पत्रकार वार्ता में नासिर गाजी, मिर्जा फुरकान बेग मौजूद रहे।
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