अलीगढ़: पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की ऑडी से कुचलकर हलवाई की मौत, केस दर्ज, ड्राइवर को गिरफ्तारी को टीमें गठित
भाजपा नेता के ड्राइवर कपिल ने पूछताछ में पहले घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए कहा कि उसने नौकरी के दबाव और मालिक के परिवार के एहसान के चलते ऐसा कहा था। उसने घटना के समय कार चलाने से इन्कार किया।
विस्तार
अलीगढ़ के सारसौल में दशहरे की रात पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के नाम पंजीकृत ऑडी कार से कुचलकर हलवाई मनोज (40) की मौत की मौत हो गई। हॉर्न बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद बाइक सवार मनोज को पीछे से टक्कर मारने और फिर उनके ऊपर कार चढ़ाने का आरोप है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या के पहलू से जांच शुरू की है।
कार के मालिक चौधरी देवराज सिंह ने पुलिस को बताया कि घटना के समय उनका चालक कपिल गाड़ी चला रहा था। वहीं, पुलिस के मुताबिक, वारदात के वक्त कार उनका भतीजा विक्रांत के चला रहा था। पुलिस का कहना है कि चालक की पहचान भाजपा नेता के भतीजे विक्रांत के रूप में कर ली गई है। गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। घटना के बाद चालक जब कार लेकर भागा तो स्थानीय लोगों ने गाड़ी पर पथराव भी किया था।
चालक बोला- वह नहीं चला रहा था कार
मृतक मनोज के चाचा की शिकायत पर थाना बन्नादेवी में हत्या की धारा में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उत्तराखंड नंबर की सफेद ऑडी को कब्जे में ले लिया है। ए-6 मॉडल की ऑडी भाजपा नेता ने एक वर्ष पहले खरीदी थी। भाजपा नेता के ड्राइवर कपिल ने पूछताछ में पहले घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए कहा कि उसने नौकरी के दबाव और मालिक के परिवार के एहसान के चलते ऐसा कहा था। उसने घटना के समय कार चलाने से इन्कार किया।
हॉर्न बजाने पर कहासुनी, फिर पीछे से मारी टक्कर
घटना मंगलवार 20 अक्तूबर की रात करीब 11 बजे की है। गभाना क्षेत्र के मेहरावल नगरिया निवासी मनोज हलवाई का काम करते थे। वह दुकान बंद करने के बाद कुछ सामान पहुंचाने के लिए अपने साथी कन्हैया के साथ बाइक से शहर की ओर जा रहे थे। सारसौल में साईं कॉलेज के पास ऊदला मोड़ पर उन्होंने सामान लेने के लिए बाइक रोकी थी। कन्हैया दुकान पर सामान देने गया था। इसी दौरान पीछे से आई सफेद ऑडी में सवार लोगों ने बाइक हटाने के लिए हॉर्न बजाया।
कन्हैया के मुताबिक, बाइक हटाने के बाद भी कार सवारों ने मनोज से गाली गलौज की। मनोज ने इसका विरोध करते हुए कहा कि बाइक हटाने के बावजूद गाली क्यों दी जा रही है? इस पर कार सवारों ने उन्हें आगे देख लेने की धमकी दी। कहासुनी के बाद मनोज अपने साथी के साथ वहां से आगे निकल गए।
आरोप है कि करीब 500 मीटर आगे वही ऑडी तेज रफ्तार में पीछे से आई और बाइक में टक्कर मार दी। मनोज कार के आगे गिर गए, जबकि कन्हैया सड़क की दूसरी तरफ जा गिरा। आरोप है कि इसके बाद चालक ने कार मनोज की ओर मोड़कर उनके ऊपर चढ़ा दी। कार के दोनों पहिये उनके ऊपर से गुजर गए। आसपास मौजूद लोगों ने कार को रोकने की कोशिश की और ईंट-पत्थर भी फेंके, लेकिन चालक गाड़ी लेकर सूतमिल की ओर भाग निकला।
सीसीटीवी में दिखा घटनाक्रम, हत्या की धारा में रिपोर्ट
हादसे की सूचना पर पहुंची बन्नादेवी पुलिस दोनों घायलों को अस्पताल ले गई। कन्हैया को हल्की चोटें आईं, जबकि मनोज को पहले जिला अस्पताल और फिर दीनदयाल अस्पताल पहुंचाया गया। बुधवार तड़के उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के प्रतिष्ठानों और अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बृहस्पतिवार सुबह हरीपल गेस्ट हाउस की फुटेज से सफेद ऑडी की पहचान होने की जानकारी सामने आई। कार का नंबर यूके 07 एफ-75 है और यह पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के नाम पंजीकृत बताई गई है। पुलिस ने कार कब्जे में लेकर उसका तकनीकी मुआयना कराया है।
एसएसपी नीरज जादौन के मुताबिक, सीसीटीवी में दिखाई देने वाला घटनाक्रम सामान्य सड़क दुर्घटना जैसा नहीं लग रहा था। पहली टक्कर के बाद कार दोबारा मनोज की ओर बढ़ाए जाने के पहलू को देखते हुए हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कीक गई। मनोज के चाचा छोटेलाल की शिकायत पर अज्ञात कार सवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पूर्व जिलाध्यक्ष के घर और प्रतिष्ठानों के कैमरे खंगाले
चालक की पहचान और घटना वाली रात कार की आवाजाही का पता लगाने के लिए एसपी सिटी आदित्य बंसल के नेतृत्व में पुलिस टीम चौधरी देवराज सिंह के महरावल स्थित घर पहुंची। पुलिस ने वहां और उनके प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, ताकि पता लगाया जा सके कि घटना वाली रात ऑडी लेकर कौन निकला था और उसमें कौन-कौन सवार था।
देवराज सिंह ने पुलिस को बताया कि कार उनका चालक कपिल चला रहा था और उसने गलती स्वीकार की थी। दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों ने भतीजे विक्रांत के कार चलाने की जानकारी दी है। कपिल ने बाद में अपने पहले बयान से पलटते हुए घटना के समय कार चलाने से इनकार किया। पुलिस इन बयानों की सत्यता की जांच कर रही है।
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि घटना के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित किए गए हैं। फील्ड यूनिट ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं और कार का तकनीकी मुआयना किया जा चुका है। चालक की पहचान कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
माता-पिता के इकलौते बेटे थे मनोज
मनोज अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में पत्नी पुष्पा देवी, बेटा नकुल और बेटियां दीक्षा व निधि हैं। पिता गुड्डू सिंह के मुताबिक, दशहरे की रात दुकान बंद करने के बाद मनोज सामान पहुंचाने के लिए शहर निकले थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह काम पूरा कर लौट आएंगे, लेकिन उनकी मौत की खबर ने सबको झकझोर दिया।
पुलिस के सामने पांच अहम सवाल
- हॉर्न को लेकर हुए विवाद के बाद ऑडी ने बाइक का पीछा क्यों किया?
- टक्कर के बाद कार दोबारा मनोज की ओर बढ़ाई गई थी या नहीं, सीसीटीवी में घटनाक्रम कितना स्पष्ट है
- घटना के वक्त ऑडी कौन चला रहा था?
- कार में सवार अन्य लोगों की क्या भूमिका थी?
- सीसीटीवी, चश्मदीद कन्हैया के बयान और तकनीकी साक्ष्य एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं या नहीं?