Aligarh: पाइप लाइन ठीक कर रहे मजदूर की ढाय खिसकने से मौत, दो हुए घायल, जांच के लिए बनी कमेटी
इसमें महेंद्र सिंह (35 वर्ष) जो मूल रूप से जवां के ढक नगला का निवासी था, मलबे और पानी में पूरी तरह दब गया। वह करीब 136 सेकंड तक मलबे के नीचे दबा रहा। पूरी घटना पास की दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हुई।
विस्तार
अलीगढ़ के रेलवे रोड पर अप्सरा सिनेमा के पास 25 अप्रैल दोपहर 15 फीट गहरे गड्ढे में पेयजल पाइप लाइन की मरम्मत के दौरान ढाय खिसकने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना से आक्रोशित व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह के साथ गुस्साए स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की नोकझोंक हुई। लोगों का आरोप था कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ।
रेलवे रोड पर सड़क निर्माण के साथ ही नाला निर्माण और सीवर लाइन बिछाने का काम भी हो रहा है। सीवर लाइन बिछाने के काम के दौरान ही पानी आपूर्ति की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। पिछले एक हफ्ते से पेयजल पाइप लाइन की लीकेज सुधारने का कार्य चल रहा था। यहां पर दो पाइप लाइनों की मरम्मत हो चुकी है। शनिवार को तीसरी पाइप लाइन की मरम्मत का काम चल रहा था। दोपहर करीब तीन बजे जब मजदूर गड्ढे में काम कर रहे थे, तभी अचानक सड़क के डिवाइडर की ओर वाला हिस्सा ढह गया।
इसमें महेंद्र सिंह (35 वर्ष) जो मूल रूप से जवां के ढक नगला का निवासी था, मलबे और पानी में पूरी तरह दब गया। वह करीब 136 सेकंड तक मलबे के नीचे दबा रहा। पूरी घटना पास की दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हुई। जेसीबी और अन्य मजदूरों की मदद से उसे बाहर निकालकर मलखान सिंह जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में दो अन्य मजदूर राजकुमार निवासी बरौला बाईपास और प्रमोद निवासी चौंमुहा, अतरौली घायल हुए हैं।
घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
इस मामले की जांच के लिए अपर नगर आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। तीन दिन में समिति मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। मृतक परिवार को किसान दुर्घटना योजना से पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने की घोषणा की है।
मुख्य पाइप लाइन की मरम्मत का काम चल रहा था। दो लाइनें ठीक हो चुकी थीं, तीसरी पर काम के दौरान यह दुखद हादसा हुआ। मामले की निष्पक्ष जांच गठित की गई तीन सदस्यीय समिति करेगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त