{"_id":"62435fab8fe6cf06d7581346","slug":"won-t-sit-silent-if-the-electricity-department-s-money-is-looted-vp-singh-city-office-news-ali288107744","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली विभाग का पैसा लुटाया तो चुप नहीं बैठेंगे : वीपी सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली विभाग का पैसा लुटाया तो चुप नहीं बैठेंगे : वीपी सिंह
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश विद्युत परिषद अभियंता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष वीपी सिंह एवं राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के महासचिव ई. जय प्रकाश ने कहा कि बिजली विभाग का पैसा लुटाया जाएगा तो हम चुप नहीं बैठेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश के नए ऊर्जा मंत्री से न्याय की उम्मीद है। संघ नेताओं ने ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन पर गंभीर आरोप भी लगाए।
उप्रविप अभियंता संघ एवं राविप जूनियर इंजीनियर्स संगठन के सदस्य विभिन्न मांगों को लेकर नौ दिन से आंदोलित हैं और असहयोग आंदोलन चला रहे हैं। लाल डिग्गी स्थित विद्युत विभाग के मुख्यालय पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय अध्यक्ष वीपी सिंह एवं महासचिव ई. जयप्रकाश शामिल हुए। केंद्रीय नेताओं ने पत्रकारों से कहा कि ऊर्जा निगमों में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। स्मार्ट मीटर एवं कोयला संकट के नाम पर घोटाला हुआ है। टॉप लेवल पर बंदरबांट चल रहा है।
अध्यक्ष वीपी सिंह ने कहा कि 14 नवंबर 2000 तक ऊर्जा विभाग लाभ में चल रहा था।
सुधार के नाम पर खेल शुरू हुआ। आज 95 हजार करोड़ से ज्यादा के घाटा में चला गया है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 660 मेगावाट की हरदुआगंज तापीय परियोजना को चलाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन व कोयला नहीं है। यहां बिजली पैदा होने पर 4 से साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी। प्राइवेट सेक्टर से 5 से 21 रुपये प्रति यूनिट बिजली की खरीद हो रही है। उन्होंने कहा कि 3 अप्रैल तक मांगे पूरी नहीं हुई तो 4, 5 और 6 अप्रैल को अभियंता एवं जूनियर इंजीनियर्स सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता एसके जैन, कैलाश चंद, प्रवीन कुमार मौर्य, सुबोध झा, अरविंद निगम, कर्मवीर सिंह, भगवती प्रसाद, सौरभ मंगला आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप्रविप अभियंता संघ एवं राविप जूनियर इंजीनियर्स संगठन के सदस्य विभिन्न मांगों को लेकर नौ दिन से आंदोलित हैं और असहयोग आंदोलन चला रहे हैं। लाल डिग्गी स्थित विद्युत विभाग के मुख्यालय पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय अध्यक्ष वीपी सिंह एवं महासचिव ई. जयप्रकाश शामिल हुए। केंद्रीय नेताओं ने पत्रकारों से कहा कि ऊर्जा निगमों में शीर्ष स्तर पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। स्मार्ट मीटर एवं कोयला संकट के नाम पर घोटाला हुआ है। टॉप लेवल पर बंदरबांट चल रहा है।
विज्ञापन
अध्यक्ष वीपी सिंह ने कहा कि 14 नवंबर 2000 तक ऊर्जा विभाग लाभ में चल रहा था।
सुधार के नाम पर खेल शुरू हुआ। आज 95 हजार करोड़ से ज्यादा के घाटा में चला गया है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 660 मेगावाट की हरदुआगंज तापीय परियोजना को चलाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन व कोयला नहीं है। यहां बिजली पैदा होने पर 4 से साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी। प्राइवेट सेक्टर से 5 से 21 रुपये प्रति यूनिट बिजली की खरीद हो रही है। उन्होंने कहा कि 3 अप्रैल तक मांगे पूरी नहीं हुई तो 4, 5 और 6 अप्रैल को अभियंता एवं जूनियर इंजीनियर्स सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता एसके जैन, कैलाश चंद, प्रवीन कुमार मौर्य, सुबोध झा, अरविंद निगम, कर्मवीर सिंह, भगवती प्रसाद, सौरभ मंगला आदि मौजूद थे।
विज्ञापन