तुमसे है उजाला: अभियान से जुड़ीं महिलाएं, प्रेरणास्रोत बनने का ठाना, ऐसे भेजें अपनी एंट्री
आईआईएमटी और टीकाराम कन्या महाविद्यालय में अमर उजाला संवाद हुआ, जिसमें शिक्षिकाओं ने प्रेरक कहानियां बताईं। इस अभियान में भाग लेने की अंतिम तिथि 3 मार्च, 2025 है।
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अमर उजाला के विशेष अभियान “तुमसे है उजाला” से महिलाएं जुड़ती जा रही हैं। शिक्षिकाओं ने कहा कि उनके पास भी प्रेरक कहानियां हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी।
1 मार्च को आईआईएमटी और टीकाराम कन्या महाविद्यालय में अमर उजाला संवाद हुआ, जिसमें शिक्षिकाओं ने प्रेरक कहानियां बताईं। आईआईएमटी में एक शिक्षिका ने बताया कि उनके प्रयास से आर्थिक रूप से कमजोर एक छात्रा मल्टीनेशनल कंपनी में शीर्ष पद पर विराजमान है। प्राचार्य शंभू केएन सिंह रावत ने शिक्षिकाओं से इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर नाहीद, नीलंश सिंह, मुनाली त्रिपाठी, मिताक्षी, अंजलि, हरप्रीत कौर, रितु शर्मा, रहमान नूर, कमला प्रभा, असमां, कंचन सिंह, रितु यादव, सुहानी यादव, फरहा असगर, पूजा शर्मा, नीरज सिंह, सीमा शर्मा, प्रवीना शर्मा, डॉ.आराधना मिश्रा, डॉ.अंजू, धरती पाठक, डॉ.शर्बत उस्मानी आदि मौजूद रहीं।
टीकाराम कन्या महाविद्यालय में शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्राचार्या प्रो.शर्मिला शर्मा ने कहा कि अमर उजाला का विशेष अभियान सराहनीय है। इस अवसर पर डॉ.ममता श्रीवास्तव, डॉ.पद्मा सक्सेना, प्रो.ब्रज रानी श्रीवास्तव, प्रो.गीतिका सिंह, प्रो.संगीता, प्रो.सुमन रघुवंशी, प्रो. स्मृति कौशिक, प्रो.सीमा अग्रवाल, प्रो.हेमलता अग्रवाल, डॉ.बीनू त्रिपाठी, डॉ.सोनी सिंह, डॉ.सुरभि वार्ष्णेय, डॉ.नीरू यादव, प्रो.मिश्कात आबिदी, डॉ.अंजू पटेल, जगवती, सोफिया, प्रो.शालिनी चौधरी, आरती, प्रो.मोनिका, डॉ.स्वाति आदि मौजूद रहीं।
कल तक कहानी भेजने का मौका
इस अभियान में भाग लेने की अंतिम तिथि 3 मार्च, 2025 है।
ऐसे करें आवेदन, लिखें अपनी कहानी
- दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें और अपनी जानकारी भरें।
- 60 से 80 शब्दों में अपनी कहानी लिखें।
- अपने कार्य की 2-3 तस्वीरें अपलोड करें या एक मिनट का वीडियो (अधिकतम 4 एमबी) साझा करें।
- सुनिश्चित करें कि आपकी कहानी वास्तविक और मौलिक हो। अपलोड की गई तस्वीरें या वीडियो स्पष्ट हों।