कोतवाली गोलीकांड : महिला का शव सुपुर्द-ए-खाक, मुकदमा हत्या में तरमीम, भगोड़े दरोगा की तलाश जारी
अलीगढ़ शहर काेतवाली में दरोगा की पिस्टल से चली गोली महिला के सिर में लगी थी। गोली लगते ही महिला नीचे गिर गई। उसी दिन से महिला का जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। मगर, 13 दिसंबर रात महिला को मृत घोषित कर दिया गया। महिला के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
विस्तार
अलीगढ़ के ऊपरकोट कोतवाली के मुंशियाने में बीते 8 दिसंबर को हुए गोलीकांड में जख्मी महिला की 13 दिसंबर रात मौत के बाद 14 दिसंबर को शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। इस दौरान हालात बेहद तनावपूर्ण रहे। भारी संख्या में पुलिस बल व अधिकारी तैनात रहे। जनाजा घर से उठते समय हंगामे के हालात बने। लेकिन परिवार ने सूझबूझ से सभी को शांत कर दिया। शाहजमाल कब्रिस्तान में शव दफन किया गया। इधर, पुलिस ने इस घटना का मुकदमा हत्या व साजिश की धाराओं में तरमीम कर विवेचना आगे बढ़ा दी है। भगोड़े दरोगा की तलाश जारी है।
कोतवाली के तुर्कमान गेट चौकी क्षेत्र के हड्डी गोदाम इलाके के बुजुर्ग हार्डवेयर/ताला व्यापारी शकील खां की पत्नी इशरत निगार (55) पासपोर्ट सत्यापन के सिलसिले में बीते 8 दिसंबर को बेटे ईशान संग कोतवाली गई थीं। दोपहर करीब ढाई बजे वे मुंशियाने में पहुंचकर वहां मौजूद मुंशी (कार्यालय पुलिसकर्मी) से बात कर रही थीं। तभी मुंशी ने वहां दरोगा मनोज शर्मा को मालखाने से उनकी सर्विस पिस्टल निकालकर दी। दरोगा ने वहीं खड़े होकर पिस्टल को चेक करते हुए फायर कर दिया।
पिस्टल से चली गोली महिला के सिर में जा लगी। गोली लगते ही महिला नीचे गिर गई। उसी दिन से महिला का जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। मगर, 13 दिसंबर रात महिला को मृत घोषित कर दिया गया। इस खबर पर परिवार में कोहराम मच गया। इलाके में तनाव के हालात पनप गए। इसी तनाव को देखते हुए रात में ही पुलिस प्रशासनिक अमले ने शव का पोस्टमार्टम कराया। तड़के करीब साढ़े तीन बजे शव घर पहुंचाया।
जनाजे को भीड़ ने रोकने की कोशिश की
इसके बाद सुबह से ही लोगों की महिला के घर के बाहर भीड़ जमा होने लगी। भारी जमावड़े के बीच हंगामे के हालात बनने लगे थे। भारी संख्या में तैनात पुलिस बल हालात पर नियंत्रण रखे हुए था। सुबह करीब ग्यारह बजे जब जनाजा घर से उठा और गली के बाहर आया तो पुलिस विरोधी हंगामे के हालात बने। जनाजे को भीड़ ने रोकने की कोशिश की। मगर परिवार ने सूझबूझ का परिचय देकर सभी को शांत किया और बिना जनाजा रोके सीधे शाहजमाल कब्रिस्तान पहुंचे। जहां नमाज अता करने के बाद शव दफन किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासनिक अधिकारी, राजनीतिक लोग मौजूद रहे।
इस मामले में लापरवाही के आरोपी मुंशी सुदीप को पुलिस बुधवार को जेल भेज चुकी है, जबकि बीस हजार का इनामी दरोगा अभी तक गायब है। पुलिस ने घटना के संबंध में दर्ज मुकदमे को हत्या व साजिश की धारा में तरमीम कर लिया है। इस बात की तस्दीक खुद लिखित में मृत महिला के परिवार को भी कर दी गई है।

मामले में लगातार पुलिस प्रशासनिक टीम परिवार के साथ है। मुकदमा हत्या व साजिश की धाराओं में तरमीम कर दरोगा की तलाश कराई जा रही है। बाकी हालात सामान्य हैं। स्थितियों पर नजर रखी जा रही है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
मुंशी सुदीप की जमानत अर्जी दायर, सुनवाई 15 दिसंबर को
इस घटना में बुधवार को जेल भेजे गए पुलिसकर्मी कोतवाली के निलंबित मुंशी सुदीप के पैरोकारों की ओर से न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई है। सत्र न्यायालय में दायर जमानत अर्जी पर 15 दिसंबर को सुनवाई की तारीख नियत की गई है। डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि जमानत अर्जी अदालत में दायर हुई है। जिस पर सुनवाई होगी।