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न्यायमूर्ति इम्तियाज करेंगे एएमयू हिंसक घटना की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2016 01:40 AM IST
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एएमयू
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 23-24 अप्रैल 2016 को घटित हिंसक घटनाओं की न्यायिक जांच करायी जाएगी। एएमयू कुलपति ने इसके लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. असफर अली खान ने कहा कि जांच अधिकारी से 15 जुलाई तक जांच रिपोर्ट कुलपति के पास जमा करने का आग्रह किया गया है। जांच अधिकारी उन कारणों की भी जांच करेंगे, जिसके कारण पूर्व छात्र मेहताब आलम एवं मुहम्मद वाकिफ की हत्या हुई। इस पूरी घटना के पीछे नेताओं और उनके समर्थकों की पहचान, पर्दे के पीछे से मदद करने वाले और उनको बढ़ावा देने वालों को चिन्हित करना तथा बाहरी तत्वों और अपराधियों की भूमिका आदि की भी जांच की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 23-24 अप्रैल की रात्रि में एएमयू में आगजनी एवं फायरिंग की घटना हुई थी। इस उपद्रव में दो पूर्व छात्र गाजीपुर के मेहताब आलम एवं सर सैयद नगर के मुहम्मद वाकिफ घायल हो गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उपद्रवियों ने प्रॉक्टर कार्यालय, डीएसडब्लू कार्यालय, गेस्ट हाउस नंबर 2 एवं वीसी लॉज के पास जमकर आगजनी, तोड़फोड़ एवं फायरिंग आदि की थी। एएमयू में उपद्रव की आशंका को देखते हुए काफी दिनों तक आरएएफ के जवान तैनात किए गए थे।
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मजिस्ट्रीयल जांच समय से नहीं हुई पूरी
अलीगढ़। एएमयू की हिंसक घटना के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) को अधिकृत किया था तथा 15 दिन के अंदर जांच कर आख्या तीन प्रतियों में उपलब्ध कराने को निर्देशित किया था। डेढ़ महीने की अवधि पूरी होने के बावजूद अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है।
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एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. असफर अली खान ने कहा कि जांच अधिकारी से 15 जुलाई तक जांच रिपोर्ट कुलपति के पास जमा करने का आग्रह किया गया है। जांच अधिकारी उन कारणों की भी जांच करेंगे, जिसके कारण पूर्व छात्र मेहताब आलम एवं मुहम्मद वाकिफ की हत्या हुई। इस पूरी घटना के पीछे नेताओं और उनके समर्थकों की पहचान, पर्दे के पीछे से मदद करने वाले और उनको बढ़ावा देने वालों को चिन्हित करना तथा बाहरी तत्वों और अपराधियों की भूमिका आदि की भी जांच की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि 23-24 अप्रैल की रात्रि में एएमयू में आगजनी एवं फायरिंग की घटना हुई थी। इस उपद्रव में दो पूर्व छात्र गाजीपुर के मेहताब आलम एवं सर सैयद नगर के मुहम्मद वाकिफ घायल हो गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उपद्रवियों ने प्रॉक्टर कार्यालय, डीएसडब्लू कार्यालय, गेस्ट हाउस नंबर 2 एवं वीसी लॉज के पास जमकर आगजनी, तोड़फोड़ एवं फायरिंग आदि की थी। एएमयू में उपद्रव की आशंका को देखते हुए काफी दिनों तक आरएएफ के जवान तैनात किए गए थे।
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मजिस्ट्रीयल जांच समय से नहीं हुई पूरी
अलीगढ़। एएमयू की हिंसक घटना के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. बलकार सिंह ने मजिस्ट्रीयल जांच के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) को अधिकृत किया था तथा 15 दिन के अंदर जांच कर आख्या तीन प्रतियों में उपलब्ध कराने को निर्देशित किया था। डेढ़ महीने की अवधि पूरी होने के बावजूद अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है।