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कम बिजली क्यों दे रहे, सीएम ने फीडरों से मांगा जवाब
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 13 May 2016 02:06 AM IST
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बिजली चोरी
- फोटो : Bureau
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निर्धारित समय से कम बिजली की आपूर्ति होने के मामले में सीधे सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित फीडरों के प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया गया है। इसके अलावा बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सीधे अलीगढ़ के लिए निर्देश आए हैं।
ग्रामीण इलाकों में निर्धारित14 घंटे बिजली आपूर्ति करने के निर्देश हैं। जिले में ग्रामीण इलाकों में कुल ऐसे 210 फीडर हैं जहां पर 14 घंटे से कम बिजली की आपूर्ति हुई। यह जिले के कुल फीडरों का करीब 57 फीसदी बैठता है। इसको मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से लिया और पूछा है कि आखिर क्या वजह रही कि यहां पर बिजली की आपूर्ति निर्धारित समय से कम रही।
इसके साथ ही निर्देश है कि जिन फीडरों पर निर्धारित समय से कम बिजली आपूर्ति हुई है उसकी भरपाई अन्य दिनों में अतिरिक्त बिजली प्रदान करके की जाए। यही नहीं सरकार ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता बीएस गंगवार के अधिकार क्षेत्र में भी वृद्धि कर दी है। जिससे बिजली आपूर्ति और सुधार के मोर्चे पर स्थानीय स्तर पर कोई परेशानी नहीं आए। मुख्य अभियंता को छह लाख रुपये के कार्य प्रतिदिन और 30 लाख रुपये के कार्य महीने में करने के अधिकार दिए गए हैं।
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जानकारों का मानना है कि चुनावी सीजन में मुख्यमंत्री कार्यालय बिजली आपूर्ति को लेकर जनता में कोई नाराजगी नहीं चाहता है। इसी क्रम में कम बिजली आपूर्ति करने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीधे सीधे उन फीडरों के प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया है।
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ग्रामीण इलाकों में निर्धारित14 घंटे बिजली आपूर्ति करने के निर्देश हैं। जिले में ग्रामीण इलाकों में कुल ऐसे 210 फीडर हैं जहां पर 14 घंटे से कम बिजली की आपूर्ति हुई। यह जिले के कुल फीडरों का करीब 57 फीसदी बैठता है। इसको मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से लिया और पूछा है कि आखिर क्या वजह रही कि यहां पर बिजली की आपूर्ति निर्धारित समय से कम रही।
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इसके साथ ही निर्देश है कि जिन फीडरों पर निर्धारित समय से कम बिजली आपूर्ति हुई है उसकी भरपाई अन्य दिनों में अतिरिक्त बिजली प्रदान करके की जाए। यही नहीं सरकार ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता बीएस गंगवार के अधिकार क्षेत्र में भी वृद्धि कर दी है। जिससे बिजली आपूर्ति और सुधार के मोर्चे पर स्थानीय स्तर पर कोई परेशानी नहीं आए। मुख्य अभियंता को छह लाख रुपये के कार्य प्रतिदिन और 30 लाख रुपये के कार्य महीने में करने के अधिकार दिए गए हैं।
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जानकारों का मानना है कि चुनावी सीजन में मुख्यमंत्री कार्यालय बिजली आपूर्ति को लेकर जनता में कोई नाराजगी नहीं चाहता है। इसी क्रम में कम बिजली आपूर्ति करने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीधे सीधे उन फीडरों के प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया है।