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मैं एक गर्म ग्रह नहीं गर्म चाय चाहता हूं
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‘मैं एक गर्म ग्रह नहीं, गर्म चाय चाहता हूं’। एएमयू छात्र-छात्राओं के हाथ में मौजूद तख्तियों पर यहीं नारे अंकित थे। इसके माध्यम से छात्र-छात्रा कैंपस में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे थे।
एएमयू के छात्र-छात्राओं द्वारा मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर बाब-ए-सैयद तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने एवं जीव मंडल में होने वाले बदलावों से जन साधारण को अवगत कराने के लिए रैली का आयोजन किया गया। छात्र तख्तियां हाथ में लिए थे, जिनके ऊपर नारे लिखे थे। आयोजकों ने अपने संदेश को मजबूती से छात्रों तक पहुंचाने के लिए गर्म चाय (वी वांट हॉट टी नॉट ए हॉट प्लानेट) को चुना। दरअसल एएमयू छात्रों का चाय प्रेम जगजाहिर है। कैंपस में ‘टी लवर्स’ शब्द बेहद लोकप्रिय है। मजाक में छात्र कहते हैं कि हाथ कटने पर खून के बदले चाय निकलेगा। छात्रों के चाय प्रेम को लेकर तरह-तरह की कहानियां भी प्रचलित है। रैली के समापन पर एएमयू ड्रामा क्लब के सदस्यों द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। छात्रा सारा दिलशाद ने कहा कि रैली निकालने का उद्देश्य एएमयू कैंपस को भारत के दूसरे विश्वविद्यालयों के समक्ष एक रोल माडल के रूप में प्रस्तुत करना है। छात्रों से आग्रह है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं। अमीना इरशाद, निखिल सिंह, अशहद परवेज, सैफी अब्बास, सुहैल शमीम, फजीला अहमद, अरीबा दिलशाद, उरूबा आसिम, उरूसा अनवर, यासूब अली, उवैस कादिर, सिदरा हसन, मोहम्मद अम्मार, मदीहा, अलीना, फलाह, नोरीन, वहीदा, तूबा खान, सिदरा, शमीम आदि मौजूद थे।
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एएमयू के छात्र-छात्राओं द्वारा मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर बाब-ए-सैयद तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने एवं जीव मंडल में होने वाले बदलावों से जन साधारण को अवगत कराने के लिए रैली का आयोजन किया गया। छात्र तख्तियां हाथ में लिए थे, जिनके ऊपर नारे लिखे थे। आयोजकों ने अपने संदेश को मजबूती से छात्रों तक पहुंचाने के लिए गर्म चाय (वी वांट हॉट टी नॉट ए हॉट प्लानेट) को चुना। दरअसल एएमयू छात्रों का चाय प्रेम जगजाहिर है। कैंपस में ‘टी लवर्स’ शब्द बेहद लोकप्रिय है। मजाक में छात्र कहते हैं कि हाथ कटने पर खून के बदले चाय निकलेगा। छात्रों के चाय प्रेम को लेकर तरह-तरह की कहानियां भी प्रचलित है। रैली के समापन पर एएमयू ड्रामा क्लब के सदस्यों द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। छात्रा सारा दिलशाद ने कहा कि रैली निकालने का उद्देश्य एएमयू कैंपस को भारत के दूसरे विश्वविद्यालयों के समक्ष एक रोल माडल के रूप में प्रस्तुत करना है। छात्रों से आग्रह है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं। अमीना इरशाद, निखिल सिंह, अशहद परवेज, सैफी अब्बास, सुहैल शमीम, फजीला अहमद, अरीबा दिलशाद, उरूबा आसिम, उरूसा अनवर, यासूब अली, उवैस कादिर, सिदरा हसन, मोहम्मद अम्मार, मदीहा, अलीना, फलाह, नोरीन, वहीदा, तूबा खान, सिदरा, शमीम आदि मौजूद थे।
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