{"_id":"6022ea488ebc3e6fd71ace79","slug":"vinod-jat-and-santosh-appear-in-nsa-board-city-office-news-ali2558575127","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुख्यात विनोद जाट और संतोष की एनएसए बोर्ड में पेशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुख्यात विनोद जाट और संतोष की एनएसए बोर्ड में पेशी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महानगर के फर्नेश कारोबारी को अगवाकर छह लाख रुपये की फिरौती वसूलकर छोड़ने वाले कुख्यात अपराधी विनोद जाट और उसके साथी संतोष की मंगलवार को एनएसए एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष पेशी हुई। यह पेशी कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कराई गई। इस दौरान अपना पक्ष रखने के लिए बोर्ड के समक्ष डीएम-एसएसपी भी पेश हुए। अब बोर्ड को रासुका कन्फर्म किए जाने संबंधी फैसला सुनाना है।
वाकये के अनुसार, महानगर के शीशियापाड़ा के सुरेंद्र जिंदल को इगलास स्थित फर्नेश फैक्टरी पर जाते समय अगवा किया गया था। बाद में उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी को बुलाकर उनसे छह लाख रुपये की फिरौती वसूलकर कारोबारी को छोड़ा गया था। इस मामले में हाथरस जिले के मुरसान निवासी कुख्यात विनोद जाट का नाम आने पर उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में विनोद ने आगरा न्यायालय में पुराने मुकदमे में सरेंडर किया था, जिस पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इस मामले में विनोद के अलावा उसके चार साथी इगलास पुलिस ने जेल भेजे हैं, जबकि विनोद पथैना अभी तक फरार है। विनोद जाट व संतोष पर रासुका के तहत जिला प्रशासन ने पिछले माह कार्रवाई की थी।
रासुका कन्फर्म करने संबंधी राज्य स्तरीय एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष मंगलवार को पेशी की तारीख नियत थी, जिसमें विनोद को आगरा जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट लाया गया और जिला कारागार से संतोष को लाया गया। दोनों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लखनऊ में पीठासीन बोर्ड के समक्ष पेशी हुई। डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी मुनिराज जी ने जिला प्रशासन का पक्ष रखा, जिसमें बताया गया कि ये दुर्दांत अपराधी हैं। इन पर रासुका कन्फर्म किया जाना बेहद जरूरी है। अब बोर्ड स्तर से फैसला सुनाया जाना है।
विज्ञापन
- रासुका कन्फर्म सुनवाई संबंधी पेशी में राज्य स्तरीय एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष आगरा जेल में निरुद्ध विनोद जाट व संतोष की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराई गई। जिला प्रशासन का भी पक्ष रखा गया है। जल्द ही बोर्ड स्तर से फैसला दिया जाएगा।-चंद्रभूषण सिंह डीएम
विज्ञापन
वाकये के अनुसार, महानगर के शीशियापाड़ा के सुरेंद्र जिंदल को इगलास स्थित फर्नेश फैक्टरी पर जाते समय अगवा किया गया था। बाद में उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी को बुलाकर उनसे छह लाख रुपये की फिरौती वसूलकर कारोबारी को छोड़ा गया था। इस मामले में हाथरस जिले के मुरसान निवासी कुख्यात विनोद जाट का नाम आने पर उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में विनोद ने आगरा न्यायालय में पुराने मुकदमे में सरेंडर किया था, जिस पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। इस मामले में विनोद के अलावा उसके चार साथी इगलास पुलिस ने जेल भेजे हैं, जबकि विनोद पथैना अभी तक फरार है। विनोद जाट व संतोष पर रासुका के तहत जिला प्रशासन ने पिछले माह कार्रवाई की थी।
विज्ञापन
रासुका कन्फर्म करने संबंधी राज्य स्तरीय एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष मंगलवार को पेशी की तारीख नियत थी, जिसमें विनोद को आगरा जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट लाया गया और जिला कारागार से संतोष को लाया गया। दोनों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लखनऊ में पीठासीन बोर्ड के समक्ष पेशी हुई। डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी मुनिराज जी ने जिला प्रशासन का पक्ष रखा, जिसमें बताया गया कि ये दुर्दांत अपराधी हैं। इन पर रासुका कन्फर्म किया जाना बेहद जरूरी है। अब बोर्ड स्तर से फैसला सुनाया जाना है।
विज्ञापन
- रासुका कन्फर्म सुनवाई संबंधी पेशी में राज्य स्तरीय एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष आगरा जेल में निरुद्ध विनोद जाट व संतोष की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराई गई। जिला प्रशासन का भी पक्ष रखा गया है। जल्द ही बोर्ड स्तर से फैसला दिया जाएगा।-चंद्रभूषण सिंह डीएम