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Aligarh News: वैद्यों ने व्रत रखकर सुनी धन्वंतरि कथा, बांटा हलवा प्रसाद
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धन्वंतरि कार्यालय में हवन करते वैद्य। संवाद
- फोटो : Samvad
कस्बा के गर्ग वनौषधि भंडार, धन्वंतरि कार्यालय सेंट्रल में शनिवार को भगवान धन्वंतरि का विधि विधान से पूजन हुआ। यहां धन्वंतरि के प्रकट होने की कथा हुई। वैद्यों ने उपवास रखकर कथा सुनी और हवन में पूर्णाहुति दी। वैद्य गोपालशरण गर्ग, हरीश गर्ग, वैद्य मुदित गर्ग, वैद्य अमृत गर्ग ने धन्वंतरि का पूजन किया। पंडित राजकुमार शर्मा, पंडित श्रीकृष्ण शर्मा ने कथा सुनाई।
पंडित ने कहा कि जब समुद्र मंथन हो रहा था, तब सागर की अनंत गहराइयों से चौदह रत्न निकले थे। जब देवता और दानव मंदार पर्वत को मथानी बनाकर वासुकी नाग की मदद से मंथन कर रहे थे। तब तेरह रत्नों के बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को चौदहवें रत्न के रूप में भगवान धन्वंतरि सामने आए। उन्हें आरोग्य का देवता माना जाता है। कथा समापन के वाद आरती हुई।
इसके बाद नौ सामग्रियों से बना हलवा प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर आशीष अग्रवाल, पंकज गोयल, लज्जाराम यादव, राजेश गर्ग, ठाकुर सत्येंद्र सिंह, लीलाधर भारती पूर्व चेयरमैन, सतीश यादव, आचार्य पंडित राजकुमार शर्मा, डॉ गंगा प्रसाद, डा. रामबाबू लाल शर्मा, वैद्य ईश्वर चंद्र सत्यार्थी, वैद्य मणीन्द्र सत्यार्थी, ठाकुर अतरपाल सिंह, बृजकिशोर पांडेय, ब्रह्मदेव शर्मा, नीरज सत्यार्थी, दीपू भारती, मनोज सैनी आदि मौजूद रहे।
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पंडित ने कहा कि जब समुद्र मंथन हो रहा था, तब सागर की अनंत गहराइयों से चौदह रत्न निकले थे। जब देवता और दानव मंदार पर्वत को मथानी बनाकर वासुकी नाग की मदद से मंथन कर रहे थे। तब तेरह रत्नों के बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को चौदहवें रत्न के रूप में भगवान धन्वंतरि सामने आए। उन्हें आरोग्य का देवता माना जाता है। कथा समापन के वाद आरती हुई।
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इसके बाद नौ सामग्रियों से बना हलवा प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर आशीष अग्रवाल, पंकज गोयल, लज्जाराम यादव, राजेश गर्ग, ठाकुर सत्येंद्र सिंह, लीलाधर भारती पूर्व चेयरमैन, सतीश यादव, आचार्य पंडित राजकुमार शर्मा, डॉ गंगा प्रसाद, डा. रामबाबू लाल शर्मा, वैद्य ईश्वर चंद्र सत्यार्थी, वैद्य मणीन्द्र सत्यार्थी, ठाकुर अतरपाल सिंह, बृजकिशोर पांडेय, ब्रह्मदेव शर्मा, नीरज सत्यार्थी, दीपू भारती, मनोज सैनी आदि मौजूद रहे।
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