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Aligarh: डीआईजी के नाम पर साइबर ठगी में दो आरोपी कानपुर से दबोचे, पेट्रोल पंपों पर करते थे काम
Tue, 28 Oct 2025 04:15 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 28 Oct 2025 04:15 PM IST
सार
पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि गोविंद ने करीब आठ माह पहले साइबर ठगी का यह धंधा शुरू किया। वह इसी तरह से अधिकारियों के नाम व फोटो की यूपीआईडी बनाकर रुपया पेट्रोल पंप के करंट खाते में मंगाता था।
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दोनों गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ डीआईजी प्रभाकर चौधरी के नाम से आईडी बनाकर साइबर ठगी कर रहे दो आरोपी साइबर टीम ने दबोच लिए हैं। दोनों कानपुर देहात के मूसानगर इलाके की पेट्रोल पंपों पर प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे। ठगी की रकम पेट्रोल पंपों के करंट खातों में मंगवाते थे। अब तक दोनों ने चार दर्जन से अधिक ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। दोनों को 27 अक्तूबर को जेल भेज दिया गया।
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एसपी क्राइम ममता कुरील ने 27 अक्तूबर को बताया कि डीआईजी सहित अन्य कई अधिकारियों के नाम व फोटो लगाकर साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई थीं। साइबर थाने में डीआईजी के नाम से ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसी मुकदमे में जांच करते हुए कानपुर देहात के मूसानगर की दो पेट्रोल पंपों के खाते प्रकाश में आए, जिनमें रुपये डलवाना पाया गया। दोनों आरोपियों कानपुर देहात के मूसानगर नया पुरवा के गोविंद व हमीरपुर के बुरारा के गांव मनकी कला के गणपत सिंह उर्फ प्रीतू को दबोचा गया।
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पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि गोविंद ने करीब आठ माह पहले साइबर ठगी का यह धंधा शुरू किया। वह इसी तरह से अधिकारियों के नाम व फोटो की यूपीआईडी बनाकर रुपया पेट्रोल पंप के करंट खाते में मंगाता था। दो माह पहले उसने इस धंधे में परिचित गणपत को भी शामिल कर लिया। पिछले दिनों दोनों पंपों के मालिकों को कुछ गलत लगा तो दोनों को फटकार भी लगाई। बाद में उन्होंने डिवाइस तोड़ दी लेकिन फिर से नए डिवाइस बनाकर ठगी करने लगे। दोनों पंपों के खातों पर अब तक तीन दर्जन साइबर ठगी की रिपोर्ट ऑनलाइन पंजीकृत हुई हैं। इस खुलासे में साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार की टीम व साइबर सेल प्रभारी राहुल चौधरी की टीम शामिल रही हैं।
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