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अलीगढ़ः अब पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा बेहतर व्यवहार के लिए प्रशिक्षण
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एडीजी जोन राजीव कृष्ण मंगलवार को जिले के सालान दौरे के दौरान हुई समीक्षा बैठक में कई अहम बिंदुओं पर निर्देश देकर गए हैं। जिसके तहत जिला पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में सबसे पहले पुलिसकर्मियों को व्यवहार प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी है। इसके लिए पुलिसकर्मियों के बैच बनाकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान वे सभी तरह की ड्यूटी से मुक्त रहेंगे। ताकि उनका पूरा फोकस सिर्फ प्रशिक्षण पर रहे।
एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार मंगलवार को एडीजी स्तर से जो निर्देश जारी किए गए हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर आने वाली शिकायतों से जुड़ा है। जिसमें बताया गया कि किस तरह पब्लिक के सामने पुलिसकर्मी पेश आते हैं। इस समस्या में सुधार के लिए तय किया गया है कि एक व्यवहार प्रशिक्षण कैंप शुरू किया जाएगा। इनमें बैच बनाए जाएंगे, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को बुलाकर उनको प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण विभागीय अधिकारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों व शिक्षकों आदि के स्तर से दिलाया जाएगा। जितने दिन पुलिसकर्मी प्रशिक्षण में शामिल होगा, उतने दिन उसको ड्यूूटी से मुक्त रखा जाएगा। इसके लिए यह भी तय किया गया है जो अधिकारी स्वेच्छा से पढ़ाने के इच्छुक होंगे, उन्हें इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने हॉर्स ट्रेनिंग सेंटर में घोड़ों की संख्या बढ़ाने, पुलिस की जरूरत के अनुसार वाहन व ड्राइवरों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया।
हर दिन अपडेट हो अपराधियों का ब्योरा
इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन पहचान को लेकर निर्देश दिए हैं कि पुलिस के ऑनलाइन एप पर अपराधियों का ब्योरा हर दिन अपडेट होना चाहिए। अक्सर ऐसा हो जाता है कि अपराधी जेल में है तो बीट सिपाही या हल्का दरोगा यह सोचकर उसकी निगरानी छोड़ देते हैं कि अभी जेल में है। इसी बीच उसकी जमानत अर्जी दायर हो जाती है और अभियोजन पक्ष विरोध नहीं कर पाता। यह वह जमानत पर आ जाता है। इसलिए ये जरूरी है कि बेशक अपराधी जेल में है। मगर, उस पर हर दिन फोकस रहे। जिस दिन बाहर आ जाए, उस दिन ही एप पर ब्योरा अपडेट हो जाए।
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तहसीलों में खुलेंगी परिवार परामर्श केंद्र की शाखा
एडीजी ने जिला मुख्यालय स्तर पर चल रहे परिवार परामर्श केंद्र के कामकाज और वहां की व्यवस्थाओं को बेहद सराहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि चूंकि थानों से लेकर अधिकारियों के सामने वर्तमान समय में काफी शिकायतें परिवार संबंधी आ रही है। लोग देहात से भी ये समस्याएं लेकर आते हैं। इसे लेकर जिला मुख्यालय से दूर की तहसीलों पर परिवार परामर्श केंद्र की शाखा शुरू की जाए। संबंधित तहसील क्षेत्र के फरियादी वहीं अपनी समस्या रख सकें और वहीं उनका निस्तारण हो सके। उन्होंने अलीगढ़ के परिवार परामर्श केंद्र मॉडल को जोन में लागू कराने के भी संकेत दिए।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार मंगलवार को एडीजी स्तर से जो निर्देश जारी किए गए हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर आने वाली शिकायतों से जुड़ा है। जिसमें बताया गया कि किस तरह पब्लिक के सामने पुलिसकर्मी पेश आते हैं। इस समस्या में सुधार के लिए तय किया गया है कि एक व्यवहार प्रशिक्षण कैंप शुरू किया जाएगा। इनमें बैच बनाए जाएंगे, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को बुलाकर उनको प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण विभागीय अधिकारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों व शिक्षकों आदि के स्तर से दिलाया जाएगा। जितने दिन पुलिसकर्मी प्रशिक्षण में शामिल होगा, उतने दिन उसको ड्यूूटी से मुक्त रखा जाएगा। इसके लिए यह भी तय किया गया है जो अधिकारी स्वेच्छा से पढ़ाने के इच्छुक होंगे, उन्हें इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने हॉर्स ट्रेनिंग सेंटर में घोड़ों की संख्या बढ़ाने, पुलिस की जरूरत के अनुसार वाहन व ड्राइवरों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया।
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हर दिन अपडेट हो अपराधियों का ब्योरा
इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन पहचान को लेकर निर्देश दिए हैं कि पुलिस के ऑनलाइन एप पर अपराधियों का ब्योरा हर दिन अपडेट होना चाहिए। अक्सर ऐसा हो जाता है कि अपराधी जेल में है तो बीट सिपाही या हल्का दरोगा यह सोचकर उसकी निगरानी छोड़ देते हैं कि अभी जेल में है। इसी बीच उसकी जमानत अर्जी दायर हो जाती है और अभियोजन पक्ष विरोध नहीं कर पाता। यह वह जमानत पर आ जाता है। इसलिए ये जरूरी है कि बेशक अपराधी जेल में है। मगर, उस पर हर दिन फोकस रहे। जिस दिन बाहर आ जाए, उस दिन ही एप पर ब्योरा अपडेट हो जाए।
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तहसीलों में खुलेंगी परिवार परामर्श केंद्र की शाखा
एडीजी ने जिला मुख्यालय स्तर पर चल रहे परिवार परामर्श केंद्र के कामकाज और वहां की व्यवस्थाओं को बेहद सराहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि चूंकि थानों से लेकर अधिकारियों के सामने वर्तमान समय में काफी शिकायतें परिवार संबंधी आ रही है। लोग देहात से भी ये समस्याएं लेकर आते हैं। इसे लेकर जिला मुख्यालय से दूर की तहसीलों पर परिवार परामर्श केंद्र की शाखा शुरू की जाए। संबंधित तहसील क्षेत्र के फरियादी वहीं अपनी समस्या रख सकें और वहीं उनका निस्तारण हो सके। उन्होंने अलीगढ़ के परिवार परामर्श केंद्र मॉडल को जोन में लागू कराने के भी संकेत दिए।