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व्यापारियों को लगेगा बिजली दर वृद्धि का झटका
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jun 2016 01:08 AM IST
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बिजली
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व्यापार और कारोबार करने वालों को बिजली विभाग का झटका लगने वाला है। जुलाई से वाणिज्यिक बिजली उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इस सबंध में 15 जून तक राज्य विद्युत नियामक आयोग नई बिजली दरों की घोषणा कर सकता है।
इसी संबंध में 20 जून को बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने एक जनसुवाई बैठक की थी और टैरिफ आदि पर सुझाव मांगे थे। कॉरपोरेशन के एआरआर और टैरिफ प्रस्ताव पर जन सुनवाई के बाद राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस बात की भनक लगते ही व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। माना जा रहा है कि चुनावी साल होने के नाते इस साल नियामक आयोग घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में तो कोई बढ़ोतरी नहीं करेगा। मगर वाणिज्यिक और दूसरी श्रेणियों में बढ़ोतरी की तैयारी नियामक आयोग कर रहा है।
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कितनी बढ़ोत्तरी हो सकती है
सूत्रों की बात पर भरोसा किया जाए तो राज्य विद्युत नियामक आयोग नए टैरिफ प्रस्ताव में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की दरों में 8.10 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट की दरों में 4.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। अस्थायी कनेक्शन, राजकीय नलकूप, रेलवे, लिफ्ट इरिगेशन की दरों में भी 5 से 8 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।
घरेलू और इंडस्ट्री में नहीं होगी बढ़ोतरी
जुलाई से भले ही वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी हो, मगर घरेलू उपभोक्ताओं और इंडस्ट्री की दरों में बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है। पावर कॉरपोरेशन ने भी इन श्रेणी के उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं दिया है। इसके अलावा मिनिमम गारंटी चार्ज खत्म हो सकता है। नए टैरिफ आर्डर में राज्य विद्युत नियामक आयोग वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर लगने वाला मिनिमम गारंटी चार्ज खत्म कर उन्हें राहत भी दे सकता है। सूत्रों के मुताबिक नियामक आयोग मिनिमम गारंटी चार्ज के पक्ष में नहीं है। इसलिए नए टैरिफ आर्डर में इसे हटाने का ऐलान हो सकता है।
बढ़ोत्तरी का होगा विरोध
‘एक तो बिजली की वजह से कारोबार की स्थिति बैसे ही खराब है। ऐसे में दरों में बढ़ोत्तरी से स्थिति और भी खराब हो जाएगी। इसका विरोध होगा’
- हेमंत गर्ग, महामंत्री, इलेक्ट्रोनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल्स गुड्स एसोसिएशन
‘बिजली मिल नही नहीं रही है। पहले पर्याप्त बिजली दी जाए। बिजली को हम चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनाने जा रहे हैं। बढ़ोत्तरी का विरोध होगा’
- अखिलेश शर्मा, महामंत्री, जिला कांग्रेस कमेटी
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इसी संबंध में 20 जून को बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने एक जनसुवाई बैठक की थी और टैरिफ आदि पर सुझाव मांगे थे। कॉरपोरेशन के एआरआर और टैरिफ प्रस्ताव पर जन सुनवाई के बाद राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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इस बात की भनक लगते ही व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। माना जा रहा है कि चुनावी साल होने के नाते इस साल नियामक आयोग घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में तो कोई बढ़ोतरी नहीं करेगा। मगर वाणिज्यिक और दूसरी श्रेणियों में बढ़ोतरी की तैयारी नियामक आयोग कर रहा है।
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कितनी बढ़ोत्तरी हो सकती है
सूत्रों की बात पर भरोसा किया जाए तो राज्य विद्युत नियामक आयोग नए टैरिफ प्रस्ताव में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की दरों में 8.10 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट की दरों में 4.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। अस्थायी कनेक्शन, राजकीय नलकूप, रेलवे, लिफ्ट इरिगेशन की दरों में भी 5 से 8 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।
घरेलू और इंडस्ट्री में नहीं होगी बढ़ोतरी
जुलाई से भले ही वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी हो, मगर घरेलू उपभोक्ताओं और इंडस्ट्री की दरों में बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है। पावर कॉरपोरेशन ने भी इन श्रेणी के उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं दिया है। इसके अलावा मिनिमम गारंटी चार्ज खत्म हो सकता है। नए टैरिफ आर्डर में राज्य विद्युत नियामक आयोग वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर लगने वाला मिनिमम गारंटी चार्ज खत्म कर उन्हें राहत भी दे सकता है। सूत्रों के मुताबिक नियामक आयोग मिनिमम गारंटी चार्ज के पक्ष में नहीं है। इसलिए नए टैरिफ आर्डर में इसे हटाने का ऐलान हो सकता है।
बढ़ोत्तरी का होगा विरोध
‘एक तो बिजली की वजह से कारोबार की स्थिति बैसे ही खराब है। ऐसे में दरों में बढ़ोत्तरी से स्थिति और भी खराब हो जाएगी। इसका विरोध होगा’
- हेमंत गर्ग, महामंत्री, इलेक्ट्रोनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल्स गुड्स एसोसिएशन
‘बिजली मिल नही नहीं रही है। पहले पर्याप्त बिजली दी जाए। बिजली को हम चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनाने जा रहे हैं। बढ़ोत्तरी का विरोध होगा’
- अखिलेश शर्मा, महामंत्री, जिला कांग्रेस कमेटी