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Aligarh : तीन बार के खैर विधायक चौ. जगबीर सिंह पंचतत्व में विलीन, इनके एक वोट के कारण अजीत नहीं बन पाए थे सीएम
Fri, 15 Sep 2023 12:11 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 15 Sep 2023 12:11 AM IST
सार
1989 के चुनाव में जब अजीत सिंह और मुलायम सिंह में पार्टी नेताओं को मुख्यमंत्री चुनना था। चौधरी जगबीर सिंह पार्टी की बैठक में वोटिंग के लिए नहीं गए थे। लखनऊ से उनका वोट डलवाने के लिए हेलीकॉप्टर भी भेजा गया। लेकिन, उन्होंने वोट डालने से इंकार कर दिया। बताते हैं कि उस एक वोट की वजह से अजीत सिंह मुख्यमंत्री नहीं बन पाए।
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पूर्व विधायक चौधरी जगबीर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
अलीगढ़ जनपद के खैर विधानसभा से विधायक रहे चौधरी जगबीर सिंह का बृहस्पतिवार को नोएडा के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनकी मृत्यु की खबर से उनके समर्थकों में शोक व्याप्त है।
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इस खबर के बाद उनके सारसौल स्थित आवास पर समर्थकों का जुटना शुरू हो गया। शाम पांच बजे उन्हें सारसौल स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ तिरंगे में लपेटकर उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके छोटे पुत्र मुकेश चौधरी ने बताया कि शहर के अलावा अन्य जिलों की राजनीतिक हस्तियां भी अंतिम यात्रा में शामिल हुईं। वह अपने पीछे दो पुत्र, एक पुत्री और भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अंतिम यात्रा में पूर्व मंत्री दलवीर सिंह, सुरेश प्रताप गांधी, सतपाल सिंह, विनोद पांडे आदि शामिल हुए।
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तीन बार खैर विधानसभा से जीते
चौधरी जगबीर सिंह जिले के एकमात्र ऐसे नेता थे, जो तीन बार खैर विधानसभा से चुनाव जीत कर विधायक बने। वह किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह के काफी करीबी माने जाते थे। इसी कारण बाद में उनका स्नेह अजीत सिंह से ज्यादा था। वह 1985 में लोकदल, 1989 में जनता दल और 1993 में भी जनता दल से चुनाव लड़े और जीते।
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उनके बारे में एक किस्सा काफी चर्चित है। 1989 के चुनाव के दौरान जब अजीत सिंह और मुलायम सिंह में पार्टी नेताओं को मुख्यमंत्री चुनना था। वह पार्टी की बैठक में वोटिंग के लिए नहीं गए थे। लखनऊ से उनका वोट डलवाने के लिए हेलीकॉप्टर भी भेजा गया। लेकिन, उन्होंने वोट डालने से इंकार कर दिया। वहीं जिले के डीएम और एसएसपी को फोन लगा खुद के अगवा होने की सूचना दी। बताते हैं कि उस एक वोट की वजह से अजीत सिंह मुख्यमंत्री नहीं बन पाए।