प्रॉपर्टी डीलर की हत्या: मर्डर में शामिल टाइगर ग्रुप के तीन सदस्य गिरफ्तार, सरगना हेमू की तलाश
25 जुलाई सुबह सोनू की गांव कोंडरा से तालानगरी आते समय बाइक सवार दो शूटरों ने हत्या कर दी थी। जांच में उजागर हुआ कि यह हत्या उसके पार्टनर दिनेश व गांव के ही टाइगर ग्रुप संचालक अपराधी हेमू ने कराई। पुलिस अब तक हत्या करने वाले शूटर, पार्टनर दिनेश को जेल भेज चुकी है।
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अलीगढ़ सांसद के करीबी भाजयुमो के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष प्रॉपर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या के तीन अन्य साजिशकर्ता भी पुलिस ने 7 अगस्त सुबह मछुआ पुल के पास से दबोच लिए। ये तीनों टाइगर ग्रुप के सक्रिय सदस्य हैं। इनके नाम शूटर शिवा व सोनू के पार्टनर दिनेश से पूछताछ में उजागर हुए थे। तीनों को जेल भेज दिया गया।
सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी के अनुसार इस हत्याकांड में टाइगर ग्रुप सरगना हेमू के इन तीनों साथियों के भी नाम उजागर हुए थे। तीनों इस ग्रुप के सक्रिय सदस्य हैं। इसी क्रम में तलाश के बीच तीनों को 7 अगस्त सुबह एसओजी, सर्विलांस व स्वाट की मदद से दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में कोंडरा का लक्की, सपेरा भानपुर का योगेश उर्फ कालू व भवनगढ़ी का आकाश शामिल हैं। तीनों से पूछताछ में कुछ अन्य नाम भी उजागर हुए हैं। पुलिस हेमू सहित अन्य साथियों की तलाश में टीमें जुटी हैं।
बता दें कि 25 जुलाई सुबह सोनू की गांव कोंडरा से तालानगरी आते समय बाइक सवार दो शूटरों ने हत्या कर दी थी। जांच में उजागर हुआ कि यह हत्या उसके पार्टनर दिनेश व गांव के ही टाइगर ग्रुप संचालक अपराधी हेमू ने कराई। पुलिस अब तक हत्या करने वाले शूटर, पार्टनर दिनेश को जेल भेज चुकी है।
हेमू पर जो भी अपराध दर्ज हैं उन पर जांच कराई जा रही है। किन अपराधों में उसे मदद मिली या किनमें मुकदमे नहीं हुए इनके विषय में भी जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - राजीव द्विवेदी, सीओ
तीनों ने सीसीटीवी से बचने के बताए थे उपाय
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में उजागर हुआ है कि हेमू के कहने पर हत्या की साजिश में शामिल रहने के साथ उन्होंने हथियार-कारतूस के इंतजाम कराए थे। साथ राया के संजू को ठहरवाने से लेकर भागते समय सीसीटीवी से बचने के उपाय भी बताए थे। उन्हें बताया गया था कि हत्या के बाद किन रास्तों से भागना है।
दिल्ली के एक अधिकारी-दरोगा की शह पर बचता रहा टाइगर ग्रुप सरगना हेमू
तालानगरी क्षेत्र में टाइगर ग्रुप सरगना हेमू के डेढ़ वर्ष में यूं ही हौसले बुलंद नहीं हुए। उसे दिल्ली के एक अधिकारी से लेकर चौकी के एक दरोगा तक की शह मिली। इसी का नतीजा रहा कि डेढ़ वर्ष में झगड़ा-फायरिंग की आठ घटनाओं में से तीन में मुकदमे लिखे। हरदुआगंज थाने के बगल में अलीगढ़ ग्रेटर के सामने हुई फायरिंग में दरोगा की मदद से एसपी देहात तक को गुमराह कर धारा तक हटवा ली गई।
पिछले दिनों जेल से रिहा होने के बाद जुलूस व स्वागत से हेमू का हौसला इतना बढ़ गया कि वह अवैध कारोबार में अपना वर्चस्व बनाने लगा था। उसे उस समय तालानगरी के दरोगा व दिल्ली के एक अधिकारी की ओर से मदद मिलती रही। अब सोनू की हत्या के पीछे एक वजह यह भी निकलकर आ रही है कि वह तालानगरी में ईंट-सरिया की चोरी के कारोबार पर भी अपना नियंत्रण चाहता था। सोनू के ट्रकों से माल पश्चिमी यूपी के अलग अलग जिलों से आता था। उसमें से यहां माल चोरी का गोरखधंधा चलता था। जिसके संबंध में 23 अप्रैल तालानगरी चौकी पर एक तहरीर भी दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शूटर शिवा को भेजा गया जेल
सोनू हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए शूटर शिवा को बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद हरदुआगंज पुलिस ने उसे कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया। बता दें कि शूटर को पुलिस ने मंगलवार तड़के पकड़ा था।