फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Three children died in the strike of doctors

डाक्टरों की हड़ताल में चली गई तीन बच्चों की जान

Wed, 07 Jun 2017 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Wed, 07 Jun 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
Three children died in the strike of doctors
आईएमए की हड़ताल के चलते जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बड़ी मरीजों की भीड़। - फोटो : Amar Ujala
भीषण गर्मी के बीच मंगलवार को निजी डॉक्टरों की हड़ताल तीन बच्चों के लिए काल बन गई। निजी अस्पतालों से हताश-निराश होकर सरकारी अस्पतालों तक पहुंचते-पहुंचते उल्टी-दस्त के शिकार इन बच्चाें ने दम तोड़ दिया।  
विज्ञापन


सिकंदराराऊ निवासी प्रेमपाल की 10 महीने की बेटी पायल गर्मी के चलते उल्टी और दस्त का शिकार हो गई। मंगलवार को हालत अधिक बिगड़ने पर प्रेमपाल उसे लेकर हाथरस पहुंचे, लेकिन निजी डॉक्टरों की हड़ताल के चलते बेटी को लेकर अलीगढ़ के लिए चल पड़े।
विज्ञापन


पता लगा कि यहां भी डॉक्टर हड़ताल पर हैं, तो बच्ची को लेकर मलखान सिंह जिला अस्पताल की ओर भागे लेकिन रास्ते में ही पायल दम तोड़ चुकी थी। बेटी का शव लेकर पिता विलखता रहा। इसी तरह जमालपुर निवासी 5 वर्षीय मोनू के पिता मदन लाल उसको लेकर पहले देहली गेट के एक निजी नर्सिंग होम पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पता चला कि हड़ताल के चलते यहां इलाज नहीं होगा तो मलखान सिंह जिला अस्पताल लाए। रास्ते में जाम के चलते अस्पताल पहुंचने में समय लगा। तब तक मोनू दम तोड़ चुका था। इसी तरह का मामला अतरौली क्षेत्र से जिला अस्पताल पहुंचा। कई निजी नर्सिंग होम से निराश एक व्यक्ति बीमार बच्चे को लेकर  मलखान सिंह जिला अस्पताल लेकर पहुंच रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो चुकी थी।

अस्पताल में तीमारदार भी हो रहे बीमार
 मंगलवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बहुत जरूरत पर ही लोग घरों से बाहर निकले। गर्मी से चक्कर आना, बेचैनी, उल्टी दस्त भी बढ़ गया है। मलखान सिंह अस्पताल का बच्चा वार्ड फुल है। जो मरीज आ रहे हैं, उन्हें बच्चा वार्ड की गैलरी में लेटाया जा रहा है। गैलरी में बच्चों के लिए एसी या कूलर की भी व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल में भीषण गर्मी मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों पर भी कहर ढा रही है। तीमारदार भी भीषण गर्मी के चलते बीमार पड़ रहे हैं। 

निजी डाक्टर हड़ताल पर मरीज, भटके 
डाक्टरों पर हिंसक घटनाओं और चिकित्सक विरोधी एक्ट का विरोध जताते हुए देश भर के निजी डाक्टरों की हड़ताल का मंगलवार को अलीगढ़ में भी खासा असर रहा। इलाज के अभाव में मरीज भटकते रहे या फिर सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां समुचित उपचार मिल पाना उन्हें संभव नहीं था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर अलीगढ़ से करीब 100 डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में एसोसिएशन की रैली में शामिल हुआ।  स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों ने केंद्र सरकार को प्रेषित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में डॉक्टरों ने कहा है कि तीमारदारों की अेार से की जाने वाली हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं। जल्द से जल्द क्लीनिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। डॉक्टरों की सुरक्षा के समुचित प्रबंध किए जाएं। जो नया एक्ट नर्सिंग होम पर लागू किया जा रहा है, वह भी डॉक्टर विरोधी है। रिहायशी इलाकों में क्लीनिक और नर्सिंग होम हटाए जाएंगे। ऐसा हुआ तो 20-25 सालों से चल रहे नर्सिंग होम जो कि स्थानीय स्तर पर मरीजों को गुणवत्तापरक सेवाएं दे रहे हैं, बंद हो जाएंगे। डॉक्टरों का कहना है कि सरकारी तंत्र इतना व्यापक और सक्षम नहीं है कि वह सभी लोगों को उस स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा सके। ज्ञापन देने वालों में आईएमए के डॉक्टर प्रदीप बंसल, डॉक्टर विपिन गुप्ता, डॉक्टर के पी सिंह, डॉक्टर विभा वार्ष्णेय, डॉक्टर आयुष वार्ष्णेय, डॉक्टर भरत कुमार वार्ष्णेय, डॉक्टर गौरव गुप्ता, अजय सिंघल थे।

यह भी मांगें
- क्लीनिकल एस्टिब्लिशमेंट एक्ट की पुन: विवेचना हो।
- अस्पताल, डाक्टरों से मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई।
- रिहायशी इलाकों में क्लीनिक, नर्सिंग होम पर विकास प्राधिकरण के मुकदमे वापस हों।
- बिजली, भवन कर, जलकर, सीवर कर व्यावसायिक की जगह समान दर पर लिया जाए। 
- झोलाछाप डाक्टरों पर कड़ी कार्रवाई।
- बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण सरकार कराए।
- आईएमए भवन निर्माण के लिए जमीन का आवंटन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed